Connect with us

वायरल

भक्ति और श्रद्धा के संग उमड़ा जनसैलाब, श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भावविभोर हुए श्रद्धालु

Published

on

Loading...
Loading...

बस्ती। जनपद के वाइपास से पश्चिम स्थित दुर्गानगर दुर्गा कटरा में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन इन दिनों पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण का सृजन कर रहा है। 3 अप्रैल, शुक्रवार से प्रारंभ हुई यह दिव्य कथा 9 अप्रैल, गुरुवार तक चलेगी, जिसमें प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा व्यास आचार्य पंडित ज्ञानचंद द्विवेदी जी अपने मुखारविंद से अमृतमयी कथा का रसपान कराकर जनमानस को धर्म, भक्ति और ज्ञान की गंगा में स्नान करा रहे हैं।

कथा के छठे दिन का प्रसंग अत्यंत भावुक और हृदयस्पर्शी रहा। आचार्य द्विवेदी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्तों के प्रति उनके अटूट प्रेम का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर उनके विराट स्वरूप तक का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल “राधे-राधे” व “हरे कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।

मुख्य यजमान सुमित्रा देवी एवं ऊंकार नाथ मिश्र सहित समस्त मिश्र परिवार और उनके मित्रगण इस पावन आयोजन में तन, मन और धन से सेवा में लगे हुए हैं। उनके समर्पण और श्रद्धा के कारण यह आयोजन भव्यता और दिव्यता का अद्भुत उदाहरण बन गया है। कथा स्थल को सुंदर सजावट से सुसज्जित किया गया है, जो श्रद्धालुओं को एक अलौकिक अनुभूति प्रदान कर रहा है।

आचार्य जी ने अपने प्रवचन में यह भी कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने का संदेश देती है। उन्होंने मानव जीवन में सत्कर्म, सेवा और भक्ति के महत्व को विस्तार से समझाया।

Advertisement

कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि आज भी समाज में धर्म और आस्था की जड़ें गहरी हैं। आयोजन के समापन की ओर बढ़ती यह कथा प्रतिदिन नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार कर रही है, जिससे समूचा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page