शिक्षा
फर्जी स्कूल और कोचिंग सेंटर रडार पर, शिक्षा विभाग ने कसी कमर
वाराणसी। नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ के साथ ही शिक्षा विभाग ने अवैध रूप से संचालित हो रहे स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जनपद में ऐसे सभी संस्थानों की पहचान कर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान 6 अप्रैल से शुरू किया गया है, जो 18 अप्रैल तक चलेगा। इस अभियान के तहत बिना मान्यता संचालित स्कूलों और कोचिंग सेंटरों को चिह्नित किया जा रहा है।
अभियान के दायरे में मान्यता प्राप्त विद्यालयों के वे शिक्षक भी आएंगे जो निजी कोचिंग संस्थानों में पढ़ा रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की देखरेख में यह कार्रवाई सख्ती से कराई जा रही है। 30 अप्रैल तक पूरे जनपद की रिपोर्ट तैयार कर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को भेजी जानी है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने वाराणसी, प्रयागराज सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के दौरान यह भी जांचा जाएगा कि जिले में कितने विद्यालय बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं, उनके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है तथा निजी कोचिंग में संलग्न शिक्षकों की संख्या और उनके खिलाफ उठाए गए कदमों का पूरा ब्योरा तैयार किया जाएगा। स्पष्ट किया गया है कि अभियान के बाद यदि कहीं प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालयों में माध्यमिक स्तर की कक्षाएं अथवा हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में प्राथमिक स्तर की अमान्य कक्षाएं संचालित पाई जाती हैं, तो संबंधित DIOS, BSA और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।
यह कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश के बाद तेज की गई है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी जनपदों में बिना वैधानिक मान्यता के शिक्षा देने का दावा करने वाले संस्थानों को तत्काल चिह्नित करने का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में जिला विद्यालय निरीक्षक की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें DIOS और खंड शिक्षाधिकारी शामिल हैं। इसी क्रम में अब व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर अवैध संस्थानों और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
