गोरखपुर
गोरखपुर में स्मार्ट मीटर के नाम पर ठगी का खेल, सावधान रहें!
गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के चुन्नीपुर में उमा देवी के घर स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे कुछ लोगों ने पुराने मीटर की “स्टोर रीडिंग खत्म करने” के नाम पर रुपये मांगकर वसूली की। बताया गया कि पुराने मीटर में लगभग 600 यूनिट दर्ज है और बिल 5 हजार रुपये से अधिक बनेगा, लेकिन रुपये देने पर बकाया खत्म कर दिया जाएगा। मोलभाव के बाद 2 हजार रुपये ले लिए गए।
इसी तरह राप्तीनगर इलाके में भी एक कर्मचारी ने स्टोर रीडिंग खत्म करने के नाम पर पहले 20 हजार और बाद में 15 हजार रुपये लेकर मामला निपटाने की बात कही।
जानकारी के अनुसार गोरखपुर-बस्ती मंडल में स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान कुछ लोग पुराने मीटर की रीडिंग का डर दिखाकर उपभोक्ताओं से पैसे मांग रहे हैं। मीटर रीडिंग व्यवस्था कमजोर होने का फायदा उठाया जा रहा है।
बिजली विभाग के अभियंताओं का कहना है कि पुराने मीटर की वास्तविक रीडिंग प्रयोगशाला जांच के बाद ही दर्ज होती है — इसे मौके पर खत्म करना संभव नहीं है। कई मामलों में रुपये लेने के बावजूद असली रीडिंग के आधार पर बिल बनाया जाता है, जिससे उपभोक्ता ठगी का शिकार हो जाते हैं।
राकेश सिंह (प्रबंधक, जीनस) ने कहा कि, पुराने मीटर की रीडिंग खत्म करने का दावा गलत है। किसी भी कर्मचारी को पैसे न दें। यदि कोई रुपये मांगता है तो तुरंत शिकायत करें। सूचना देने के लिए संपर्क करें: 8527729889 और जागरूक रहें, दूसरों को भी सावधान करें — ताकि कोई ठगी का शिकार न हो।
