भदोही
10 दिवसीय लोक गायन कार्यशाला का समापन
85 छात्र-छात्राओं को मिले प्रमाणपत्र
बच्चों ने कजरी सहित विभिन्न लोकगीतों की दी मनमोहक प्रस्तुति, लोक संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर
भदोही। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, संस्कृति विभाग लखनऊ एवं जगदंबे न्यू बाल शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सृजन’ कार्यक्रम के तहत जेएनवीएस कान्वेंट स्कूल, परऊपुर में चल रही 10 दिवसीय लोक गायन कार्यशाला का गुरुवार को समापन हुआ। समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 85 छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं शहीद झूरी सिंह के प्रपौत्र डॉ. रामेश्वर सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग की यह पहल सराहनीय है। इस तरह की कार्यशालाओं से विलुप्त होती लोक कलाओं एवं लोक गायन की परंपराओं को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। साथ ही नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित होकर उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होगी।
कार्यशाला में लोक गायक घनश्याम शुक्ला ने दस दिनों तक छात्र-छात्राओं को कजरी, भरथरी, करिंगा, पवारा, चितमा, जगराता, छठ गीत, घटपूजा, चैता एवं चट्टी सहित विभिन्न पारंपरिक लोक गायन विधाओं का प्रशिक्षण दिया।
समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों ने कजरी सहित कई लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिकता के दौर में नई पीढ़ी को लोकगीतों और लोक संस्कृति से जोड़ना बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर प्रबंधक राजेश पाठक, प्राचार्या पूनम पाठक, लव कुश दुबे, संजय पांडेय, राघवेंद्र सिंह, तराना, खुशी, दिव्या, मुस्कान, आंचल, निक्की, पलक, उजाला, प्रिया, आकृति सिंह, श्रेया और नैना सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
