वाराणसी
हीट स्ट्रोक व तेज बुखार से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सीएमओ ने जारी की एडवाइजरी
वाराणसी। भीषण गर्मी के बीच जनपद में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश प्रसाद ने लोगों से हीट स्ट्रोक और तेज बुखार जैसी समस्याओं को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
सीएमओ ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि शरीर एक सीमा तक तापमान को सहन कर लेता है, लेकिन अधिक देर तक लू में रहने पर शरीर संतुलन खो देता है, जिससे दिमाग, किडनी और हृदय पर भी असर पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि इस मौसम में डायरिया, उल्टी, पीलिया, टाइफाइड, वायरल फीवर, आंखों में लालपन और त्वचा में जलन जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ती हैं। कई बार ये समस्याएं गंभीर रूप भी ले सकती हैं।
लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं इलाज
सीएमओ के अनुसार, शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उल्टी या मितली, मरोड़, ऐंठन और बेहोशी जैसे लक्षण हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
एहतियात से ही बचाव संभव
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित सिंह ने कहा कि गर्मी से बचाव के लिए लोग घर से निकलने से पहले पर्याप्त पानी पिएं और दिनभर थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी लेते रहें। हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें, जिससे शरीर को ठंडक मिल सके।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि ताजा और स्वच्छ भोजन ही करें तथा खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचें। तीन घंटे से अधिक समय पहले बना भोजन न खाएं। तेज धूप में निकलते समय शरीर को ढककर रखें और धूप के चश्मे का उपयोग करें।
इसके अलावा शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि थोड़ी सी सतर्कता अपनाकर गर्मी के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।
