मिर्ज़ापुर
स्वास्थ्य केंद्रों से कर्मचारी गायब, मरीज परेशान
मिर्जापुर के CHC-PHC में स्टाफ और कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनुपस्थिति से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
मिर्जापुर। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में कर्मचारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की कथित अनुपस्थिति से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को पर्ची बनवाने, ऑनलाइन सेवाओं और दवा वितरण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऑनलाइन सेवाओं पर पड़ा असर
कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनुपस्थिति के कारण आयुष्मान कार्ड, जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र, आरसीएच पोर्टल पर टीकाकरण से संबंधित डेटा एंट्री तथा ओपीडी पर्ची बनाने जैसे कार्य प्रभावित होने की शिकायतें हैं। मरीजों का कहना है कि कई बार कंप्यूटर कक्ष खाली मिलता है, जिससे घंटों इंतजार करना पड़ता है।
निरीक्षण में सामने आईं अनियमितताएं
सूत्रों के अनुसार हाल के औचक निरीक्षणों में कई स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति, समय पर ड्यूटी न करने तथा उपस्थिति पंजिका में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। बताया गया कि कुछ मामलों में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मरीजों को हो रही परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण ओपीडी सेवाएं, दवा वितरण और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। कई मरीजों को आवश्यक सेवाओं के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार वेतन कटौती एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बायोमीट्रिक उपस्थिति लागू करने की मांग
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली को सख्ती से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
