जौनपुर
स्वतंत्रता सेनानी पं. अभयजीत दुबे की 120वीं जयंती श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने का दिया संदेश, ऑस्ट्रेलिया में शोधरत वैज्ञानिक डॉ. देवेश सिंह का हुआ सम्मान
वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और गीता पाठ के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम, शिक्षा और संस्कारों पर दिया गया विशेष बल
जलालपुर (जौनपुर)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर पत्रकार एवं कुटीर संस्थान के संस्थापक पंडित अभयजीत दुबे की 120वीं जयंती शनिवार को संस्थान परिसर में श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गीता पाठ, हवन एवं पूजन से हुई, जिसके बाद विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
वक्ताओं ने व्यक्तित्व और कृतित्व पर डाला प्रकाश
मुख्य वक्ता एवं गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. जे.पी.एन. मिश्र ने पंडित अभयजीत दुबे के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञान, सेवा और संस्कार उनके जीवन के मूल आधार थे। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
पूर्व प्रवक्ता डॉ. विजय मौर्य ने संस्थापक से जुड़ी स्मृतियां साझा करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
शिक्षा और चरित्र निर्माण पर दिया गया जोर
संस्थान के प्रबंधक डॉ. अजयेंद्र कुमार दुबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसका चरित्र होता है। उन्होंने कहा कि सीखने की इच्छा ही व्यक्ति की सबसे बड़ी शक्ति है और शिक्षा के माध्यम से ही समाज का समग्र विकास संभव है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पं. श्रीभूषण मिश्र ने कहा कि पंडित अभयजीत दुबे का जीवन समुद्र मंथन की भांति है, जिसे जितना समझने का प्रयास किया जाएगा, उतने ही नए ज्ञान और प्रेरणा के आयाम सामने आएंगे।
डॉ. देवेश सिंह का किया गया सम्मान
इस अवसर पर महाविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य एवं न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय, सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में अनुसंधान कार्य कर रहे डॉ. देवेश सिंह को अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।
शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डॉ. राहुल अवस्थी, पूर्व प्रधानाचार्य धर्मेंद्र दुबे, राघवेंद्र कुमार दुबे, डॉ. राकेश मिश्र, प्रो. राघवेंद्र कुमार पाण्डेय सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीता तिवारी ने किया, जबकि अंत में प्रो. राघवेंद्र कुमार पाण्डेय ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
