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अपराध

सारनाथ में 34 लोगों से तीन करोड़ की ठगी, दो गिरफ्तार

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वाराणसी। नौकरी दिलाने और कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 34 लोगों से तीन करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों में शामिल अवधेश कुमार और चंद्रमणी कुशवाहा को भुक्तभोगियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना से आक्रोशित पीड़ितों ने सारनाथ थाने में हंगामा किया। पुलिस ने शांत कराने के बाद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

सेवानिवृत्त कर्मचारी भी ठगी के शिकार

आरोप है कि वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और दिल्ली के रहने वाले 34 लोगों से दोनों आरोपियों ने निवेश और नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये ठग लिए। पीड़ितों में ज्यादातर सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं।

चंद्रमणी कुशवाहा, जो सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में रेलवे में गेटमैन के तौर पर कार्यरत हैं, और अवधेश कुमार पर अक्टूबर में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की तैयारी की है।

भुक्तभोगियों ने बताया कि आरोपियों ने जमीन और व्यापार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का वादा किया। शुरुआत में कुछ महीनों तक पैसा लौटाया, लेकिन बाद में देना बंद कर दिया।

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पीड़ितों की आपबीती:

हीरालाल (इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी): 30 लाख रुपये निवेश किए। चार महीने तक डेढ़ लाख रुपये मिले, उसके बाद से भुगतान बंद।

हरि प्रसाद: उनके बेटे उपेंद्र (नेवी में तैनात) से ग्लोबल मार्केटिंग के नाम पर 25.5 लाख रुपये ठगे गए।

अलताफ अहमद (जनरल स्टोर संचालक): 10 लाख रुपये ठगे गए।

राजनाथ यादव (गन्ना विभाग कर्मचारी): 30 लाख रुपये का निवेश कराया गया।

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सुमन (दिल्ली निवासी): 11.5 लाख रुपये ठगे गए।

सीओ के पिता (हरदोई): 30 लाख रुपये ठगे गए।

सारनाथ थाने में पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा। एक भुक्तभोगी ने तो आरोपियों को पीटने के लिए जूता तक निकाल लिया। पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, एसीपी सारनाथ डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि दोनों आरोपियों पर पहले से ही मामला दर्ज था। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है।

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