शिक्षा
विदाई समारोह में मुख्य अतिथि ने बच्चों को दी सफलता और संयम की सीख
विदाई समारोह में गूंजा संस्कार और सफलता का संदेश
संतकबीर नगर। जितने भी बड़े से बड़े बुरे काम हैं, क्षणिक रूप से बड़े ही आनंददायक व सुखदायी होते हैं, लेकिन दीर्घकालिक उनके बड़े ही भयंकर व गंभीर परिणाम होते हैं। विदाई का मतलब होता है जुदाई, यानी अलग होना। जब लंबे समय तक कोई साथ रहता है और जब एक-दूसरे से अलग होना होता है, तो वह बड़ा ही कष्टदायक व दुखदायी होता है और दिल साथ छोड़ने का नहीं कहता है, लेकिन कुछ विवशताएँ व मजबूरियाँ होती हैं, जिससे साथ छोड़ना पड़ता है।
उक्त विचार ज़िला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष व एच.आर.के. इंटर कॉलेज महुली के प्रबंधक ने विद्यालय प्रांगण में मुख्य अतिथि के रूप में बच्चों के विदाई समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के चेहरे हमेशा फूल की तरह खिले रहते थे, उनके चेहरे बहुत ही गमगीन और मुरझाए हुए हैं तथा विद्यालय परिवार के लोगों के चेहरों पर गम व दुख देखा जा सकता है।
दुनिया का बड़े से बड़ा बुरा कार्य क्षणिक रूप से बहुत ही आनंददायक व सुखदायी होता है, परंतु दीर्घकालिक उसका बड़ा ही गंभीर व भयंकर परिणाम होता है। ज़िंदगी तबाह-बर्बाद हो जाती है, फिर उसके बाद पश्चाताप के अलावा कोई और चारा नहीं रह जाता।
मैं धन्यवाद देता हूँ विद्यालय के छात्र-छात्राओं को व अध्यापक व अध्यापिकाओं को, जिन्होंने इस सरस्वती माँ की गरिमा व पवित्रता पर कभी आँच नहीं आने दी तथा इस सरस्वती माँ की पवित्रता व गरिमा को बनाए रखा। विद्यालय परिवार के लोगों व अभिभावकों द्वारा जब उन्हें कसौटी पर कसा गया, तो वे तपे-तपाए 24 कैरेट सोने की तरह खरे उतरे।
मेरी यही कामना है कि आप लोग सदैव तंदुरुस्त व स्वस्थ रहें, आप सबकी उम्र लंबी हो तथा सफलता की सीढ़ियों पर तेज़ी के साथ चढ़कर बुलंदियों और ऊँचाइयों को छूते रहें तथा अपने व अपने परिवार का नाम व विद्यालय परिवार का नाम सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के कोने-कोने में रोशन करने का काम करें।
इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या एस. शर्मा, प्रवक्ता बबुन्नर यादव, प्रवक्ता मधुबन, प्रवक्ता कविता मिश्रा, हाफ़िज़ जाहिद, उप प्रधानाचार्या सरिता, प्रवक्ता ईश्वर चंद्र मिश्रा सहित तमाम लोगों ने अपने विचार रखे व कार्यक्रम में मौजूद रहे।
