वाराणसी
राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
वाराणसी। अमेरिका यात्रा के दौरान भारत में रह रहे सिखों को लेकर दिए गए बयान के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखते हुए अगली तिथि छह जून निर्धारित की है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अलख नारायण राय ने अदालत में पक्ष रखा। वहीं, अदालत की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद राहुल गांधी की तरफ से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी विनय कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा। इससे पूर्व भी इस याचिका पर इसी अदालत में सुनवाई हो चुकी है।
विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने 21 जुलाई 2025 को पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) नीरज कुमार त्रिपाठी को मामले की पुनः सुनवाई करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए नीरज कुमार त्रिपाठी ने 17 अक्टूबर 2025 को प्रार्थना पत्र को दोबारा निरस्त कर दिया। इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्र ने जिला जज की अदालत में पुनः पुनरीक्षण याचिका दाखिल की।
आशापुर (सारनाथ) निवासी पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्र ने सितंबर 2024 में अमेरिका में सिखों को लेकर दिए गए बयान के संबंध में 26 सितंबर 2024 को अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए नीरज कुमार त्रिपाठी ने 28 नवंबर 2024 को इस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था।
इसके बाद नागेश्वर मिश्र ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सुनवाई के बाद 21 जुलाई 2025 को पुनरीक्षण याचिका मंजूर करते हुए प्रार्थना पत्र पर पुनः सुनवाई का आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए को दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 26 अगस्त 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद 26 सितंबर 2025 को राहुल गांधी की याचिका निरस्त कर दी थी। इसके बाद लंबित प्रार्थना पत्र पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) की अदालत में दोबारा सुनवाई हुई थी।
