जौनपुर
कदीम शब्बेदारी में गूंजी इमाम हुसैन की याद, गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बना आयोजन
अंजुमन जाफ़रिया के तत्वावधान में इमामबाड़े में आयोजित शब्बेदारी में देशभर से पहुंचे अकीदतमंद, नौहाख्वानी और मातम के बीच दी गई कर्बला के पैगाम की सीख
वक्ताओं ने इंसानियत, न्याय और भाईचारे का संदेश दिया, हजारों अकीदतमंदों ने पेश की अकीदत
जौनपुर। अंजुमन जाफ़रिया के तत्वावधान में स्थानीय कल्लू मरहूम के इमामबाड़े में कर्बला के शहीदों की याद में आयोजित कदीम तरही शब्बेदारी रविवार को अकीदत और धार्मिक श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुई। शनिवार शाम से शुरू हुए इस आयोजन में विभिन्न जनपदों से पहुंचे अकीदतमंदों ने नौहाख्वानी, मातम और मजलिसों के माध्यम से हज़रत इमाम हुसैन और शहीदान-ए-कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कर्बला के संदेश पर डाला प्रकाश
पहली मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना मेहर अब्बास रिज़वी ने कहा कि कर्बला का संदेश पूरी इंसानियत के लिए सब्र, न्याय, सच्चाई और अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का बलिदान अमन, भाईचारे और उच्च मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। इस दौरान समर रज़ा और अफ़रोज़ रज़ा ने सोज़ख्वानी पेश की।
अंतिम मजलिस में भावुक हुआ माहौल
अंतिम मजलिस में मौलाना सफ़दर हुसैन जैदी ने कर्बला की घटनाओं का वर्णन किया, जिसे सुनकर इमामबाड़े का माहौल भावुक हो उठा। उन्होंने समाज में शिक्षा, ईमानदारी, न्याय और जनहित में कार्य करने वाले नेतृत्व के महत्व पर भी बल दिया।
नौहाख्वानी और मातम में शामिल हुईं कई अंजुमनें
मजलिस के बाद शबीहे ताबूत बरामद हुआ। इसके साथ अंजुमन हैदरिया (अब्दुल्लाहपुर, अंबेडकर नगर), अंजुमन सज्जादिया (कोपागंज, मऊ), अंजुमन कारवाने अज़ा (जानसठ), अंजुमन रौनके अज़ा (मुस्तफ़ाबाद), अंजुमन सज्जादिया (जलालपुर) सहित नगर की विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख्वानी और मातम पेश किया। पूरे आयोजन के दौरान गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना देखने को मिली।
आयोजकों ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर अंजुमन जाफ़रिया के अध्यक्ष नजमुल हसन नजमी ने सभी अंजुमनों, अतिथियों और अकीदतमंदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी सम्मान को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन ज़ाहिद कानपुरी, बिलाल हसनैन और मोहम्मद अब्बास ऋषभ ने किया।
बड़ी संख्या में रहे मौजूद
इस अवसर पर नजमुल हसन नजमी, मीनू खान, मास्टर वसीम, शाहनवाज़ खान, आफ़ताब, हसन अब्बास मोनू, चंदू, रेशब, डॉ. राहिल, आरिज़ ज़ैदी, ताबिश ज़ैदी, बिका, सकलैन, अंजुम खान, शकील खान, लाडले खान, अबूज़र ज़ैदी सहित हजारों अकीदतमंद उपस्थित रहे।
