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मिर्ज़ापुर

पहली बार राजस्व विभाग की मेगा ट्रेनिंग, लेखपाल से मंडलायुक्त तक एक मंच पर

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डीएम पवन गंगवार की पहल पर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम, भूमि विवादों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण पर जोर

सीमांकन, नामांतरण, जीआईएस मैपिंग, ड्रोन सर्वे और ई-धरती पोर्टल समेत आधुनिक राजस्व तकनीकों का दिया गया प्रशिक्षण

मीरजापुर। राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की पहल पर जनपद में पहली बार राजस्व विभाग का जिला स्तरीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीएचयू बरकछा सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण की विशेषता यह रही कि लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, एसडीएम, एडीएम, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त एक ही मंच पर बैठकर प्रशिक्षण में शामिल हुए।

मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने कहा कि विंध्याचल मंडल में इस तरह का यह पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य राजस्व विवादों का संतोषजनक और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल को मंडल के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कहा कि भूमि विवाद, सीमांकन और खतौनी से जुड़े अधिकांश मामले गांव स्तर पर ही सुलझाए जा सकते हैं, यदि लेखपाल और राजस्व निरीक्षक तकनीकी रूप से दक्ष हों। इसी सोच के तहत प्रशिक्षण में राजस्व संहिता, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, जीआईएस मैपिंग, ई-धरती पोर्टल, भूलेख, ड्रोन व जीपीएस से पैमाइश, बाढ़-सूखा आकलन, जनगणना, चुनाव ड्यूटी, रिपोर्ट लेखन और डेटा एंट्री जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।

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कार्यक्रम में लेखपाल संघ और राजस्व निरीक्षक संघ ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे राजस्व व्यवस्था में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। प्रशिक्षण में सभी उपजिलाधिकारी, राजस्व अधिकारी, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा बड़ी संख्या में लेखपाल और कानूनगो मौजूद रहे।

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