गाजीपुर
रसायन से पकाया गया आम स्वास्थ्य के लिए घातक
अधिक मुनाफे के लालच में कृत्रिम तरीके से पकाए जा रहे आम, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों के उपयोग से बढ़ रहा गंभीर बीमारियों का खतरा
बहरियाबाद (गाजीपुर)। आम को उसके स्वाद, पौष्टिकता और विशेष गुणों के कारण “फलों का राजा” कहा जाता है। भारत में आम का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। इसे समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है तथा लोकगीतों, त्योहारों और संस्कृति में इसका विशेष स्थान है। आम में विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैशियम और रेशेदार तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं।
गर्मी के मौसम में आम की मांग बढ़ने के साथ कुछ व्यापारी अधिक लाभ कमाने और फलों को जल्दी बाजार में उतारने के लिए प्राकृतिक तरीके के बजाय रासायनिक पदार्थों का उपयोग कर आम पकाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह तरीका लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।
कैल्शियम कार्बाइड का होता है प्रयोग
आम को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए प्रायः कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है, जिस पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने प्रतिबंध लगा रखा है। यह पदार्थ फल की नमी के संपर्क में आने पर ऐसी गैस उत्पन्न करता है, जो फल को समय से पहले पकाने का काम करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस रसायन में आर्सेनिक और फास्फोरस जैसे विषैले तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो मानव शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक हैं।
तत्काल हो सकती हैं ये समस्याएं
रसायनयुक्त आम खाने से पेट में जलन, उल्टी, दस्त और खाद्य विषाक्तता जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इसके अलावा आंखों में जलन, धुंधला दिखाई देना तथा त्वचा पर खुजली या चकत्ते जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
लंबे समय में बढ़ सकता है गंभीर रोगों का खतरा
चिकित्सकों के अनुसार ऐसे आमों का लगातार सेवन करने से सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी और तंत्रिका तंत्र संबंधी विकार हो सकते हैं। शरीर में विषैले तत्वों के जमा होने से यकृत और गुर्दे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही पेट और आंत से जुड़े गंभीर रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि रसायन से पकाए गए फलों का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से हानिकारक हो सकता है। इससे गर्भस्थ शिशु के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।
प्राकृतिक रूप से पके आम ही चुनें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे प्राकृतिक रूप से पके हुए आमों का ही सेवन करें और अत्यधिक चमकदार, असामान्य रूप से पीले या एकसमान रंग वाले फलों को खरीदते समय सावधानी बरतें। संतुलित और सुरक्षित भोजन ही बेहतर स्वास्थ्य का आधार है।
