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गाजीपुर

मशरूम उत्पादन से आत्मनिर्भरता की राह: महिलाओं को मिला स्वरोजगार का मंत्र

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ICSSR समर्थित कार्यशाला में ग्रामीण महिलाओं को मशरूम उत्पादन की तकनीक और रोजगार के अवसरों की दी गई जानकारी

सादात (गाज़ीपुर)। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) द्वारा वित्तपोषित शोध परियोजना के अंतर्गत पंचायत भवन डढवल में “मशरूम उत्पादन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को मशरूम उत्पादन से जोड़कर आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरित करना था। कार्यशाला में लगभग 50 महिलाओं ने सहभागिता की।

कम लागत में बेहतर आय का साधन है मशरूम उत्पादन

कार्यक्रम की प्रमुख अन्वेषक डॉ. अंजू (मोतीलाल नेहरू कॉलेज इवनिंग, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मशरूम की खेती कम लागत में शुरू किया जाने वाला लाभकारी व्यवसाय है। इसके माध्यम से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकती हैं।

विशेषज्ञों ने दी उत्पादन की तकनीकी जानकारी

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डॉ. पूर्णिमा आनंद (भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, रख-रखाव, उत्पादन तकनीक और आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को व्यावहारिक रूप से इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

वहीं डॉ. शैलजा सिंह ने मशरूम के विभिन्न प्रकारों, उसके पोषण मूल्य, स्वास्थ्य लाभ और नियमित सेवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मशरूम पौष्टिक खाद्य पदार्थ होने के साथ-साथ आय का एक सशक्त स्रोत भी है।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता

कार्यक्रम में मोतीलाल नेहरू कॉलेज (ईवनिंग), दिल्ली विश्वविद्यालय के 10 स्वयंसेवी विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय सर्वेक्षण में सहयोग किया तथा मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर महिलाओं को जागरूक किया।

महिला सशक्तिकरण में कौशल प्रशिक्षण की अहम भूमिका

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ग्राम प्रधान शीला वर्मा ने महिलाओं से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं गांव और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कोटेदार रीना देवी ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ने की सलाह देते हुए मशरूम उत्पादन को एक प्रभावी पहल बताया।

मनीष कुमार (मां पार्वती जन सेवा ट्रस्ट, गाज़ीपुर) ने महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास में कौशल आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं संजय कुमार भास्कर (आजमगढ़) ने महिलाओं को सामूहिक प्रयासों और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया।

महिलाओं ने दिखाई उत्साहपूर्ण सहभागिता

कार्यक्रम में प्रेमशीला, निशा देवी, भगवानी देवी, कुसुम देवी, सोनी देवी और सपना भारती सहित क्षेत्र की अनेक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वरोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिली है।

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ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

यह प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। विशेषज्ञों ने विश्वास जताया कि मशरूम उत्पादन महिलाओं की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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