Connect with us

गाजीपुर

मर्यादा और संस्कार हमारी सोच और व्यवहार की नींव बनाते है : विकास श्रीवास्तव

Published

on

Loading...
Loading...

नंदगंज (गाजीपुर) जयदेश। अपने विचारों को व्यक्त करना अपमान नहीं होता है। एकही बात को देखने के कई दृष्टिकोण हो सकते हैं। लेकिन उसके पीछे का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। कोई भी व्यक्ति या कथा पूरी तरह से संपूर्ण नहीं हो सकती। क्योंकि परिस्थितियों के अनुसार विचार और वास्तविकताएं बदलती रहती हैं। सम्मान के अधिकारी सभी होते हैं, लेकिन तब तक, जब तक हम मर्यादा में रहते हैं। बचपन में हमें बड़े-छोटे, माता-पिता, और भाई-बहनों के माध्यम से जो संस्कार मिलते हैं। वही हमारी सोच और व्यवहार की नींव बनाते हैं।

Loading...

जब इन्हीं बातों को हम पश्चिमी संस्कृति के नजरिए से देखते हैं, तो उनका अर्थ और दृष्टिकोण अलग दिखाई देता है। इसी प्रकार, विभिन्न धर्मों में भी एक ही विषय को समझने का तरीका भिन्न- भिन्न हो सकता है। इसका अर्थ यह है कि कही गई हर बात पूरी तरह से सही नहीं हो सकती। लेकिन उनमें छिपी कई बातें ऐसी होती हैं, जिनमें सच्चाई अवश्य होती है। बस.. उसे अपने अपने नजरिए से देखने की जरूरत होती है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page