बलिया
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, रसड़ा की राजनीति ने खोया मजबूत जननेता
ब्रेन कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद दिल्ली में ली अंतिम सांस, तीन बार रहे रसड़ा से विधायक
रसड़ा (बलिया)। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह का ब्रेन कैंसर से लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। 55 वर्षीय विधायक ने बुधवार शाम अंतिम सांस ली। उनके निधन से बलिया ही नहीं, पूरे पूर्वांचल की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।
मायावती ने दी श्रद्धांजलि, परिवार को बंधाया ढांढस
गुरुवार सुबह उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से लखनऊ लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया। बसपा प्रमुख मायावती ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह उन्हें अपनी सगी बहन की तरह मानते थे और हर वर्ष रक्षाबंधन पर उनसे राखी बंधवाने आते थे। उन्होंने उनके निधन को पार्टी की अपूरणीय क्षति बताया।
तीन बार विधायक बनकर बनाई अलग पहचान
उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव से राजनीति में कदम रखने वाले उमाशंकर सिंह बाद में जिला पंचायत सदस्य बने और वर्ष 2012 में पहली बार रसड़ा से बसपा विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद 2017 और 2022 में भी लगातार जीत दर्ज कर उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ कायम रखी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा की एकमात्र जीत भी उनके खाते में आई थी।
जनसेवा और सामाजिक कार्यों से बनाई पहचान
उमाशंकर सिंह सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने 2012 में 251 तथा 2016 में 351 हिंदू-मुस्लिम जोड़ों का सामूहिक विवाह कराकर प्रदेशभर में चर्चा बटोरी थी। क्षेत्र में विकास कार्यों और जनता से सीधे जुड़ाव के कारण उनकी अलग पहचान बनी।
बीमारी से जूझते हुए भी निभाई जिम्मेदारी
ब्रेन कैंसर के इलाज के दौरान भी उन्होंने जनप्रतिनिधि के दायित्व निभाने का प्रयास किया। स्वास्थ्य कारणों से वे 24 फरवरी 2025 को विधानसभा की कार्यवाही में ऑनलाइन शामिल हुए थे। विधानसभा अध्यक्ष ने उस समय उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की थी। इलाज के लिए वह अमेरिका भी गए थे, लेकिन बीमारी चौथे चरण तक पहुंच चुकी थी।
विवादों से भी रहा नाता
वर्ष 2017 में जनप्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन के आरोप में उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। बाद में उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां उन्हें राहत मिली और वे पुनः सक्रिय राजनीति में लौटे।
प्रदेश में पांचवीं विधानसभा सीट हुई रिक्त
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा की रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इनमें तीन सीटें समाजवादी पार्टी, एक भाजपा और अब एक बसपा के खाते की हैं। विधानसभा कार्यकाल एक वर्ष से कम बचने के कारण इन सीटों पर उपचुनाव होने की संभावना नहीं है।
अंतिम संस्कार बलिया में होगा
उमाशंकर सिंह अपने पीछे पत्नी पुष्पा सिंह, पुत्र प्रिंस युकेश और पुत्री यामिनी को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार बलिया में किया जाएगा। उनके निधन से रसड़ा क्षेत्र ने अपने एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि और बसपा ने अपने प्रमुख नेताओं में से एक को खो दिया है।
