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बलिया

पत्रकार नहीं बन सकते जांच अधिकारी, आईडी या वाहन चेक करने का अधिकार कानून ने नहीं दिया: रवि प्रताप आर्य

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पत्रकारिता का काम सूचना देना है, कानून लागू करना नहीं; फर्जी पत्रकारों की जांच सक्षम एजेंसियां करें

रसड़ा (बलिया)। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य समाज तक निष्पक्ष, सत्य और जनहित से जुड़ी सूचनाएं पहुंचाना है। पत्रकारों की भूमिका तथ्यों को सामने लाने, समस्याओं को उठाने और शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाने की होती है। लेकिन कई बार यह भ्रम देखने को मिलता है कि पत्रकार होने के नाते किसी व्यक्ति या दूसरे पत्रकार के पहचान पत्र (आईडी कार्ड) अथवा वाहन की जांच करने का अधिकार भी मिल जाता है, जबकि ऐसा नहीं है।

वरिष्ठ पत्रकार रवि प्रताप आर्य ने कहा कि कानून ने पत्रकारों को पुलिस या जांच एजेंसियों जैसी शक्तियां प्रदान नहीं की हैं। पत्रकार का कार्य खबरों का संकलन और सत्य को सामने लाना है, न कि जांच करना या कानून लागू करना।

आईडी और वाहन जांच का अधिकार सक्षम अधिकारियों को

उन्होंने बताया कि भारत में लागू प्रेस एवं पुस्तक पंजीकरण अधिनियम (पीआरबी एक्ट) और पत्रकारिता से जुड़े नियम मुख्य रूप से समाचार पत्रों के पंजीकरण, प्रकाशन प्रक्रिया और पत्रकारिता के नैतिक मानकों से संबंधित हैं। इनमें पत्रकारों को किसी व्यक्ति का वाहन रोकने, पहचान पत्र मांगने या तलाशी लेने का अधिकार नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा कि वाहन जांच, पहचान सत्यापन और तलाशी जैसे अधिकार पुलिस, परिवहन विभाग (आरटीओ) या अन्य सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों के पास होते हैं।

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फर्जी पत्रकारों की सूचना अधिकारियों को दें

रवि प्रताप आर्य ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी फर्जी पत्रकार, फर्जी प्रेस पहचान पत्र या प्रेस वाहन स्टिकर के दुरुपयोग का संदेह है तो इसकी सूचना पुलिस, सूचना विभाग या संबंधित सक्षम प्राधिकरण को दी जानी चाहिए। जांच और कार्रवाई करना संबंधित विभागों का कार्य है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई पत्रकार स्वयं दूसरे पत्रकार या आम नागरिक का वाहन रोककर आईडी कार्ड मांगता है अथवा जांच करने का प्रयास करता है तो यह कानून के दायरे में उचित नहीं माना जा सकता।

जिम्मेदार पत्रकारिता से ही बनी रहेगी विश्वसनीयता

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता तभी कायम रह सकती है, जब पत्रकार अपनी संवैधानिक और पेशेवर सीमाओं को समझें। अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं।

उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार पत्रकार वही है, जो कानून का सम्मान करते हुए समाज की समस्याओं और सच्चाई को सामने लाए, न कि स्वयं को कानून लागू करने वाली एजेंसी के रूप में प्रस्तुत करे।

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