वाराणसी
धूल भरी आंधी और तेज हवाओं से मौसम हुआ सुहाना, गर्मी से मिली राहत
लंका क्षेत्र में उड़े बैनर-पोस्टर, राहगीरों और दुकानदारों को हुई परेशानी
वाराणसी। कई दिनों से भीषण गर्मी, तेज धूप और उमस से परेशान काशीवासियों को शनिवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने राहत पहुंचाई। करीब 12:30 बजे शहर के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली।
अचानक बदले मौसम ने चौंकाया
दोपहर तक तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित था। इसी बीच मौसम ने अचानक करवट ली और तेज रफ्तार हवाओं के साथ धूल भरी आंधी शुरू हो गई। कुछ ही देर में सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई और लोगों को सावधानी बरतनी पड़ी।
लंका क्षेत्र में सबसे अधिक दिखा असर
तेज हवाओं का प्रभाव लंका क्षेत्र में अधिक देखने को मिला। सड़क किनारे लगे कई बैनर, पोस्टर और फ्लेक्स हवा के तेज झोंकों से उखड़कर उड़ते नजर आए।

कुछ स्थानों पर अस्थायी होर्डिंग भी हिलने लगे, जिससे राहगीरों में सतर्कता देखी गई।
ठेला और दुकानदारों ने समेटा सामान
आंधी शुरू होते ही सड़क किनारे ठेला, खोमचा और फेरी लगाकर व्यवसाय करने वाले लोग अपना सामान सुरक्षित करने में जुट गए। कई दुकानदारों ने सामान उड़ने की आशंका को देखते हुए अस्थायी रूप से दुकानें बंद कर दीं और आवश्यक वस्तुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
धूल से बढ़ी राहगीरों की मुश्किलें
आंधी के दौरान दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को धूल के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की। लोग चेहरे को रूमाल या कपड़े से ढंककर यात्रा करते दिखाई दिए।
ठंडी हवाओं ने दी राहत

हालांकि धूल भरी आंधी ने कुछ समय के लिए जनजीवन को प्रभावित किया, लेकिन तेज हवाओं से वातावरण में ठंडक घुल गई। इससे लोगों को गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया।
आने वाले दिनों में मिल सकती है और राहत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तापमान और वायुदाब में बदलाव के कारण इस तरह की आंधी और तेज हवाएं चलना सामान्य प्रक्रिया है। यदि मौसम का यह रुख बना रहा तो आगामी दिनों में लोगों को गर्मी से और अधिक राहत मिलने की संभावना है।
