गोरखपुर
दो दिन इलाज, 1.25 लाख खर्च और चली गई मासूम की जान
निजी अस्पताल में पांच वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप
अस्पताल में मौत के बाद हंगामा
गोरखपुर। स्पोर्ट्स कॉलेज चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान पांच वर्षीय बच्चे की मौत के बाद सोमवार सुबह परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने और दो दिनों में करीब 1.25 लाख रुपये खर्च कराने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया।
बाइक की टक्कर से घायल हुआ था बच्चा
मृतक की पहचान बिहार के सिवान जिले के पचरुखी गांव निवासी प्रिंस कुमार (5) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, शनिवार सुबह प्रिंस घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने से उसके सिर में गंभीर चोट लग गई।
पटना ले जाते समय गोरखपुर में कराया भर्ती
परिजन बच्चे को सिवान जिला अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे पटना मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि वे एंबुलेंस से पटना जा रहे थे, तभी चालक ने गोरखपुर में बेहतर इलाज मिलने की बात कहकर बच्चे को श्री वेदना हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।
दो दिन में 1.25 लाख रुपये जमा कराने का आरोप
परिजनों के अनुसार, अस्पताल में ऑपरेशन, जांच और दवाओं के नाम पर दो दिनों में उनसे करीब एक लाख 25 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बावजूद सोमवार सुबह करीब सात बजे बच्चे की मौत हो गई।
मौत के बाद भी रुपये मांगने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद भी उनसे पैसों की मांग की जा रही थी। आईसीयू में पहुंचने पर उन्हें बच्चे की मौत की जानकारी हुई। इसके बाद नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब आधे घंटे तक हंगामा किया।
जांच और कार्रवाई की मांग
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने तथा अस्पताल प्रबंधन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
