वाराणसी
टीबी मुक्त भारत की दिशा में स्वास्थ्य विभाग सक्रिय, फैक्ट्री श्रमिकों को किया जागरूक
वाराणसी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी एल वर्मा के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से जिले के क्षय विभाग की टीम ने शुक्रवार को 100 दिवसीय टीबी रोगी खोजी अभियान के तहत धौहवां क्षेत्र स्थित मां महामाया आयरन फैक्ट्री में विशेष जागरूकता एवं जांच शिविर आयोजित किया।
इस दौरान श्रमिकों को टीबी रोग के प्रति जागरूक करते हुए लक्षण प्रभावित 43 श्रमिकों का मौके पर ही चेस्ट एक्स-रे कराया गया।कार्यक्रम में जिला क्षय रोग कार्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने उपस्थित श्रमिकों को टीबी के लक्षणों तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही नि: शुल्क जांच और उपचार सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी से संबंधित सभी सुविधाएं देशभर में उपलब्ध हैं और लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराना जरूरी है।
सतीश शंकर यादव ने कहा कि शासन द्वारा संचालित 100 दिवसीय अभियान दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए काफी प्रभावी साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि आज भी कई लोग बीमारी की गंभीरता से अनजान हैं, जबकि कुछ लोग अस्पताल की दूरी और निजी कारणों से जांच व इलाज नहीं करा पाते। ऐसे लोगों तक अब स्वास्थ्य विभाग स्वयं पहुंचकर जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध करा रहा है, ताकि देश को जल्द पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाया जा सके।
उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि यदि उनके घर, परिवार या क्षेत्र में कोई व्यक्ति टीबी के लक्षणों से प्रभावित दिखाई दे तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर नि: शुल्क जांच और इलाज के लिए भेजें, जिससे समाज और देश को टीबी से बचाने में सहयोग मिल सके।शिविर में राजगढ़ सीएचसी से अजीत कुमार एसटीएस, राहुल सिंह बीसीपीएम, धर्मेंद्र के साथ फैक्ट्री मालिक आकाश अग्रवाल, हिंमाशु शर्मा, कुलदीप सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
