बलिया
‘छोटे लोहिया’ जनेश्वर मिश्र को जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि
जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गूंजा ‘जाति तोड़ो, समाज बनाओ’ का संदेश
बलिया। महान समाजवादी नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री ‘छोटे लोहिया’ पंडित जनेश्वर मिश्र की जयंती पर बुधवार को जीराबस्ती स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। लोहिया संस्थान और लोकतंत्र सेनानी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जाति और धर्म से ऊपर उठकर की समाज की राजनीति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकतंत्र सेनानी एवं समाजवादी चिंतक द्विजेंद्र मिश्र ने कहा कि जनेश्वर मिश्र ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी जाति, धर्म या मजहब की राजनीति नहीं की। वे हमेशा “जाति तोड़ो, समाज बनाओ” के सिद्धांत के समर्थक रहे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए संघर्षरत रहे।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए युवाओं को किया था प्रेरित
द्विजेंद्र मिश्र ने आपातकाल के दौरान नैनी जेल से लिखे जनेश्वर मिश्र के एक पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने बलिया जेल में बंद युवाओं को लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र का यह संदेश आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उतना ही प्रासंगिक है।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा में रामकृष्ण यादव, अखिलेश पांडेय, लक्ष्मण यादव, संतोष शुक्ला, रवि मिश्र, प्रमोद यादव, वासुदेव ठाकुर, शाहिद अली खां सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोग एवं लोकतंत्र सेनानी उपस्थित रहे। सभी ने जनेश्वर मिश्र के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
