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गाजीपुर

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से लोगों में दहशत, खस्ताहाल मार्ग बन रहे कारण

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बहरियाबाद क्षेत्र में हादसों की बढ़ती घटनाओं पर ग्रामीणों में आक्रोश

बहरियाबाद (गाजीपुर)। बहरियाबाद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर सड़कें, अधूरा निर्माण और सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी हादसों का बड़ा कारण बन रही है।

अधूरे निर्माण कार्य से बढ़ा खतरा

रायपुर बाजार से जखनियां मुख्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़े जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। कई स्थानों पर एक तरफ सड़क पिच की गई है जबकि दूसरी ओर अधूरी छोड़ दी गई है, जिससे विपरीत दिशा से आने वाले वाहन अक्सर टकरा जाते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार धरना-प्रदर्शन और पत्रक देने के बावजूद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

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गड्ढों और जर्जर सड़कों से हादसे

क्षेत्र की अधिकांश सड़कों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे भारी वाहन अक्सर असंतुलित होकर पलट जाते हैं। इससे कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और जनहानि का खतरा बढ़ गया है।

हाल की दर्दनाक घटना

हाल ही में सैदपुर से चिरैयाकोट जाने वाले मुख्य मार्ग पर वेवदा चट्टी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें धनंजय कनौजिया की मोटरसाइकिल वाहन से टकरा गई। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक बघांव ग्रामसभा के निवासी थे।

ग्रामीण सड़कों की बदहाल स्थिति

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ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें अक्सर खस्ताहाल रहती हैं, जिनमें गड्ढे, टूटे किनारे और कीचड़ जैसी समस्याएं आम हैं, विशेषकर बरसात के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है। कई स्थानों पर संकेतक, डिवाइडर, सुरक्षा अवरोधक और प्रकाश व्यवस्था का भी अभाव है।

जागरूकता की कमी भी बड़ा कारण

शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता कम देखी जाती है। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग भी अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे दुर्घटनाओं में चोट और मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है।

आपातकालीन सुविधाओं की कमी

ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटना के बाद समय पर एम्बुलेंस और चिकित्सा सहायता न मिल पाने के कारण कई घायलों की हालत गंभीर हो जाती है और समय पर उपचार न मिलने से मृत्यु तक हो जाती है।

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आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

सड़क दुर्घटनाओं में परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु या गंभीर घायल होने पर परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती है। इलाज का भारी खर्च और आय का स्रोत समाप्त हो जाने से कई परिवार गरीबी और कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं।

ओवरलोडिंग और लापरवाही भी जिम्मेदार

ग्रामीण मार्गों पर वाहनों में ओवरलोडिंग की समस्या भी दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ा रही है। इससे सड़क हादसे और अधिक गंभीर रूप ले रहे हैं।

ग्रामीणों की मांग

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स्थानीय लोगों ने मांग की है कि राज्य सरकार सड़क निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराए, जर्जर सड़कों की मरम्मत कराए तथा यातायात सुरक्षा के लिए नियमित जागरूकता अभियान चलाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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