गाजीपुर
गाजीपुर एवं आजमगढ़ को जोड़ने वाला पुल गिरने के कगार पर
गाजीपुर जनपद एवं आजमगढ़ जनपद को जोड़ने वाला दोना नदी पर बना हुआ पुल एकदम जर्जरावस्था में पहुंच गया है,जिसके कारण कभी भी गिरने से बहुत बड़ा हादसा होने का डर ग्रामीणों को सता रहा है।
बताया जाता है कि इस पुल का निर्माण लगभग सात वर्ष पहले हुआ है। पुल का निर्माण घटिया क्वालिटी के सामग्री लगाने के कारण इतने कम समय में पुल का जर्जर होना, उच्च अधिकारियों का पोल खोल रहा है। गाजीपुर मुख्यालय से पश्चिम दिशा में स्थित यह पुल आजमगढ़ को जोड़ता है। इस पुल से लगभग पांच दर्जनों गांवों के लोगो का आवागमन बराबर रहता है । बहरियाबाद तिराहा से परमानपुर को जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग भरतपुर से यह लिंक मार्ग निकलकर दोना नदी से होता हुआ नाथपुर,बेला, सुल्तानीपुर, सेता का पूरा, बनगांव होते हुए मेहनाजपुर की तरफ जाता है। इस लिंक मार्ग सड़क पर आज तक मिट्टी का कार्य करने के बाद न तो उस पर खड़ंजा लग पाया और न इंटरलॉकिंग का काम हो पाया है ,जिसके कारण बरसात के दिनों में लिंक मार्ग का मिट्टी बहकर गड्डों में तब्दील गया है। जिससे राहगीरों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस लिंक मार्ग पर घास फुस उग जाने से आवागमन बाधित होता रहता है। इस लिंक मार्ग से दोनों जनपदों के छात्र-छात्राओं एवं राहगीरों को आने- जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पुल एवं लिंक मार्ग को बनवाने के संबंध में भारतीय समाज सहायता संस्था के प्रदेश अध्यक्ष मदन गाजीपुरी ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी गाजीपुर को प्रार्थना पत्र दे कर पुल निर्माण का मांग किया है। इस पुल को बनवाने के लिए भारतीय समाज सहायता संस्था के प्रदेश उपाध्यक्ष रिंकू सिंह महाकाल, प्रदेश महासचिव अनिल यादव, प्रदेश सचिव मोहम्मद सफाउद्दीन, मोहम्मद रहमत फारुकी , डॉक्टर पुरुषोत्तम राजभर, अमित वर्मा, सोनू सिंह कोटेदार, मुन्ना सिंह, संतोष सिंह, नरेंद्र प्रताप, अजय सिंह, आत्मा गुप्ता, खूबेलाल सिंह, त्रिभुवन यादव, सुधीर यादव, धनंजय यादव , प्रमोद कुमार कुशवाहा , पन्ना राजभर, राजकुमार राजभर, कैलाश राजभर, तेज बहादुर गुप्ता, कमलेश यादव, सुभाष राम सहित दर्जनों ग्रामीण वासियों ने जल्द से जल्द पुल निर्माण एवं लिंक मार्ग पर इंटरलॉकिंग कराने का मांग किया है।
