गोरखपुर
एडिटेड वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ठगी
पुलिस ने वापस कराए ₹15,140
खोराबार साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से पीड़िता को मिली राहत, ठगों के खिलाफ अभियान जारी
गोरखपुर। ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों को डराकर रुपये ऐंठने वाले साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में खोराबार पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एडिटेड वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ठगी गई 15,140 रुपये की पूरी रकम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को वापस करा दी। रकम वापस मिलने के बाद पीड़िता ने राहत की सांस ली।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे थे रुपये
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उसे धमकाया कि उसकी एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएगी। वीडियो सार्वजनिक नहीं करने के बदले आरोपी ने रुपये की मांग की। धमकी और मानसिक दबाव में आकर पीड़िता ने बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।
रुपये भेजने के बाद पीड़िता को साइबर ठगी का एहसास हुआ और उसने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई।
बैंक खाते को होल्ड कराकर वापस कराई रकम
शिकायत मिलते ही थाना खोराबार की साइबर सेल टीम सक्रिय हुई और ठगी से जुड़े बैंक खाते की जानकारी जुटाई। पुलिस ने समय रहते खाते में मौजूद रकम को होल्ड कराया। इसके बाद न्यायालय के आदेश और बैंक से आवश्यक पत्राचार की प्रक्रिया पूरी कराकर पीड़िता के खाते में पूरी 15,140 रुपये की धनराशि वापस कराई गई।
अनजान कॉल और धमकी से न घबराएं : पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाली धमकी से घबराकर रुपये न भेजें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम को समय रहते रोकने और वापस कराने की कार्रवाई की जा सके।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष खोराबार सुधांशु सिंह, महिला उपनिरीक्षक एवं साइबर नोडल श्रुति वर्मा, उपनिरीक्षक एवं साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी शिवम यादव तथा कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए बीर बहादुर सिंह यादव शामिल रहे।
खोराबार पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध में समय पर शिकायत करना बेहद महत्वपूर्ण है। शिकायत जितनी जल्दी मिलती है, पुलिस और बैंकिंग तंत्र के समन्वय से ठगी की रकम वापस कराने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।
