भदोही
INTACH चैप्टर का गठन, रवि पाटोदिया बने संयोजक
डीएम शैलेष कुमार ने कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
भदोही। जनपद की समृद्ध कला, संस्कृति, शिल्प और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शुक्रवार को पीएचपीबी होटल में इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) के भदोही चैप्टर का गठन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी शैलेष कुमार की उपस्थिति में प्रमुख उद्यमी एवं समाजसेवी रवि पाटोदिया को सर्वसम्मति से चैप्टर का संयोजक नियुक्त किया गया।
विरासत संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि भदोही की पहचान विश्वविख्यात हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के साथ-साथ अपनी समृद्ध कला, संस्कृति, शिल्प और ऐतिहासिक विरासत से भी है। इन धरोहरों को संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है। INTACH के भदोही चैप्टर की शुरुआत से स्थानीय कला एवं शिल्प को नई पहचान दिलाने के प्रयासों को गति मिलेगी।
ऐतिहासिक धरोहरों का होगा दस्तावेजीकरण
डीएम ने कहा कि जनपद की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को चिह्नित कर उनके संरक्षण, दस्तावेजीकरण और प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। प्रशासन, उद्यमियों, समाजसेवियों, कला-संस्कृति से जुड़े लोगों और आमजन की सहभागिता से सार्थक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
स्थानीय कला और परंपराओं को मिलेगा बढ़ावा
नवनियुक्त संयोजक रवि पाटोदिया ने कहा कि INTACH देशभर में कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। भदोही चैप्टर के माध्यम से ऐतिहासिक स्थलों, हस्तशिल्प, लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ जागरूकता एवं सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा।
गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम का संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर अशोक ठुकराल, भरत मौर्य, पंकज बरनवाल, डॉ. ए.के. गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, पंकज जायसवाल, शरद शर्मा, जे.पी. गुप्ता, अजय काबरा और शिव सागर तिवारी सहित उद्यमी, समाजसेवी, INTACH के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने भदोही की कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
