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वाराणसी

काशी फिल्म महोत्सव का दूसरा दिन:हेमा मालिनी की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दर्शकों मोहा का मन,दो विषयों पर परिचर्चा का हुआ आयोजन

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 वाराणसी। काशी अब सिर्फ प्राचीन शहर ही नही रह बल्कि आधुनिक शहर भी हो गया है।। रोडवेज़, एयरवेज, पोर्ट, रोड सभी क्षेत्रों में विकास हुए हैं। ये बातें आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत वाराणसी में आयोजित काशी फ़िल्म महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे सूचना एवं प्रसारण मंत्री, भारत सरकार अनुराग सिंह ठाकुर ने कही। दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी और रवि किशन का सांस्कृतिक प्रस्तुति भी रहा। मंगलवार को महोत्सव के दौरान दो विषयों पर परिचर्चा का आयोजन हुआ।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि फ़िल्म महोत्सव के लिए संगीत, ज्ञान, अध्यात्म की धरती  काशी से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती है। इतने शानदार आयोजन के लिए यूपी सरकार को बधाई।  अनुराग सिंह ठाकुर ने आगे  कहा की यह कन्वेंशन सेन्टर के रूप में  मोदी जी ने उत्तम स्थान दिया है। काशी बदल गया है और बदलाव जुड़ता जा रहा है। काशी कोरीडोर के रूप में ऐसी विरासत बचाने का कार्य 250 साल के इतिहास पहली बार हुआ है। फ़िल्म महोत्सव के बारे में उन्होंने कहा कि  यह समारोह आगे भी आयोजित होगा। इससे यहां के टूरिज्म के साथ स्थानीय कलाकारों को भी फ़ायदा मिलेगा।

मंगलवार को कन्वेंशन सेन्टर में भगवान शिव और दुर्गा पर आधरित नाटिका की प्रस्तुति करने वाली हेमा मालिनी ने कहा मैं यहां कई बार नृत्य प्रस्तुति कर चुकी हूं। 16 साल की उम्र में यहां पहली बार किया नृत्य हमारे लिए खास है। इस बार की प्रस्तुति भी खास है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में पूरा भारत प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने काशी कोरीडोर के रूप में एक ऐतिहासिक उपहार दिया है। इसे सभी लोग देखने आ रहे जिससे वाराणसी आने का टिकट कम पड़ जा रहा है।

फ़िल्म के दो विषयों पर परिचर्चा का आयोजन

 पहली परिचर्चा का विषय ‘वाराणसी के सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत से एक आधुनिक शहर की यात्रा’ रहा। इस परिचर्चा में मधुर भंडारकर, अभिनेता अनुपम खेर, निर्माता कुमार मंगत पाठक, निर्माता निर्देशक विनोद बच्चन और अभिनेता व सांसद रवि किशन ने हिस्सा लिया।

मशहूर फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि काशी में मानसिक रूप से विकास अब शुरू हुआ है। पिछले सात सालों में यहां बहुत काम दिखाई दिया है। काशीवासी भाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां से सांसद हैं। अनुपम खेर काशी फिल्म फेस्टिवल में मंगलवार को पैनल चर्चा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा है कि हिंदी फिल्म  इंडस्ट्रीज बहुत ही सशक्त है लेकिन इसकी ताकत का कम इस्तेमाल हुआ है। सिनेमा ऐसा माध्यम है जिसके जरिए चीजें पूरे विश्व में पहुंचती हैं। आलम यह है अपने ही लोग इसका मजाक उड़ाते हैं। पिछले 100 सालों में हमारा सिनेमा जगत बहुत ही समृद्धशाली हुआ है।  निदेशक मधुर भंडारकर ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री हर तरह के सहयोग के लिए खड़ी है।

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अभिनेता व सांसद रवि किशन ने कहा कि अफवाह उड़ाई जा रही है कि मुंबई का फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश में शिफ्ट हो रहा है। लेकिन यह महज अफवाह है। यह मुंबई फिल्म सिटी का एक विंग है। जो हमारी सिनेमा व कलाकारों को भव्य रूप प्रदान करेगा। अब काशी का ऐसा स्वरूप हो गया है कि जो लोग छुट्टियां लंदन में मनाने जाते थे वह काशी आएंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद जिन्होंने पूरी काशी को बदल दिया। उनके नेतृत्व में इतना काम हुआ जो पिछले 70 सालों में नहीं हो पाया था। यूपी में सेंसर बोर्ड भी शुरू हो गया है। अब भोजपुरी फिल्मों में अश्लीलता पर लगाम लगेगी। निर्माता विनोद बच्चन ने कहा कि फिल्में ऐसी बने जिससे लोगों को प्रेरणा मिले और जीवन में वह कामयाब हो सके। निर्माता-निर्देशक अशोक पंडित ने कहा कि हमारी जो फिल्में बनती हैं उसमें यूपी का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कुमार मंगल पाठक ने कहा कि आने वाले सालों में काशी फिल्म फेस्टिवल को इतनी भव्यता मिले कि यहां फिल्मों का वर्ल्ड प्रीमियर हो।

दूसरी परिचर्चा का विषय ‘संगीत और गीत, बनारस की विरासत’ रहा। इस दौरान हास्य अभिनेता सतीश कौशिक ने कहा कि हम पिछले काम को भूल जाते हैं और आगे बेहतर से बेहतर करने की भूख बनी रहती है। हम तो अच्छा करने वाले और देश के साथ खड़े रहने वालों के साथ हैं। हमारे समय में था कि मुंबई जाकर ही फिल्मों में काम करने का सपना पूरा हो सकता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। एक अच्छे कलाकार को लोकप्रिय होने के लिए एक ही सीन काफी है। निर्माता व अभिनेता राहुल मित्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी घर वापसी का अभियान है। फिल्म इंडस्ट्रीज को उत्तर प्रदेश में सिंगल विंडो अनुमति, सुरक्षा और प्रशासन का सपोर्ट मिल रहा है। यूपी की धरती पर सारी सुविधाएं मिल जाए तो यहां के प्रतिभाएं अपनी धरती पर आ जाएंगी। ऑल इंडिया फिल्म एम्पलाइज कनफेडरेशन के अध्यक्ष अशोक रामा पल्ली ने कहा कि प्रोड्यूसर पैसे लगाता है, फिल्में बनाता है। वर्कर और टेक्नीशियन मिलकर काम करते हैं तब जाकर कहीं फिल्में कामयाब होती है। प्रशासन को जिस तरह का सपोर्ट चाहिए उनका संगठन करने के लिए तैयार है।  फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सीने एम्पलाइज के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा कि यूपी सरकार का पूरा सहयोग फिल्म इंडस्ट्रीज को मिल रहा है।

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