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गाजीपुर

श्रवण कुमार मंदिर का हुआ जीर्णोद्धार, जनसहयोग से बदली तस्वीर

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गाजीपुर। जनपद के मरदह ब्लॉक स्थित श्रवणडीह गांव में त्रेतायुग से स्थापित श्रवण कुमार जी का मंदिर वर्षों से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था, लेकिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनदेखी के कारण इसका पुनर्निर्माण अधर में लटका रहा। जब किसी ने सुध नहीं ली, तो ग्रामीणों ने खुद ही इस पवित्र स्थल के कायाकल्प का बीड़ा उठाया। जनसहयोग से करीब छह लाख रुपये की लागत से मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार किया गया, जिससे इस ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान मिली।

महाहर धाम के समीप स्थित यह मंदिर ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को कांवड़ में बिठाकर तीर्थ यात्रा पर निकले थे। वे पास के तालाब से पानी लेने गए थे, जब राजा दशरथ ने गलती से उन्हें शब्दभेदी बाण से घायल कर दिया था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस ऐतिहासिक घटना के नाम पर गांव का नाम “श्रवणडीह” पड़ा, जो आज भी वेद-पुराणों और राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।

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गांव में अब मंदिर का जीर्णोद्धार होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए एक नया धार्मिक केंद्र बन गया है। ग्राम प्रधान रमेश यादव की पहल और पुजारी धर्मदेव यादव, कवि राजेंद्र राजभर, पूर्व प्रधान मंगरू यादव सहित कई स्थानीय लोगों के सहयोग से इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। मंदिर के पुनर्निर्माण के उपलक्ष्य में इस वर्ष से महाशिवरात्रि पर्व पर भव्य आयोजन की परंपरा शुरू की जा रही है। इसमें अखंड रामायण पाठ, पूजन-अर्चन, भजन-कीर्तन, प्रवचन और सत्संग का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए भंडारे में प्रसाद वितरण भी होगा, जिससे यह स्थान अब एक बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा।

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