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वाराणसी

महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था को लेकर बैठक संपन्न

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गोदौलिया से मैदागिन चौराहे तक नो व्हीकल जोन

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में आगामी महाशिवरात्रि (26 फरवरी) को श्रद्धालुओं, साधु-संतों और नागा संन्यासियों के सुगम दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पिनाक भवन स्थित सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस आयुक्त (सुरक्षा एवं अभिसूचना) सूर्यकांत त्रिपाठी ने की। इस दौरान अधिकारियों ने दर्शन और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

दर्शनार्थियों और साधु-संतों के लिए विशेष व्यवस्थाएं

काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले अखाड़ों से जुड़े साधु-संतों और नागा संन्यासियों के प्रतिनिधियों से उनके आगमन, मार्ग और संख्या को लेकर चर्चा की जाएगी। इन श्रद्धालुओं को गेट नंबर 04 से प्रवेश देकर, ‘सी’ गेट से गर्भगृह दर्शन कराकर, ‘डी’ गेट से अन्नपूर्णा मंदिर और श्रृंगार गौरी होते हुए गंतव्य तक भेजा जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए दिशा-निर्देश और सुविधाएं :

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श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि बैग, मोबाइल, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मंदिर परिसर में न लाएं।

दलालों से सावधान रहने की हिदायत दी गई है। यदि कोई व्यक्ति पैसा लेकर दर्शन-पूजन कराता पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, रोशनी, मैट, धूप से बचाव के लिए शेड जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

यातायात और सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम

गोदौलिया से मैदागिन चौराहे तक नो व्हीकल जोन रहेगा।

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मैदागिन से गोदौलिया और दशाश्वमेध घाट तक बैरिकेडिंग को मजबूत किया जाएगा, साथ ही जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बैरिकेडिंग की जाएगी।

जल पुलिस को निर्देश दिया गया है कि नाविकों को समझाएं कि ललिता घाट के पास श्रद्धालुओं को न उतारें ताकि लाइन व्यवस्था बनी रहे।

स्वास्थ्य और सफाई पर भी विशेष ध्यान

आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

नगर निगम को साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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बैठक में सीआरपीएफ, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और मंदिर न्यास से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के दर्शन और पूजन करने का अवसर मिले।

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