वाराणसी
रोपवे स्टेशन के लिए जमीन की तलाश तेज
नजूल जमीन प्राथमिकता वाराणसी में गोदौलिया और गिरजाघर के बीच बनने वाले रोपवे स्टेशन के लिए जमीन की तलाश तेज हो गई है। राजस्व विभाग नजूल की जमीनों की छानबीन कर रहा है जबकि जरूरत पड़ने पर निजी जमीन भी खरीदी जा सकती है। कार्यदायी एजेंसी द्वारा डिजाइन फाइनल होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस काम में तहसील, प्रशासन, वीडीए और नगर निगम के अधिकारी जुटे हैं। टीम ने गोदौलिया और गिरजाघर के बीच तीन स्थानों की पहचान की है। इन जगहों के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यहां कुछ जमीनें कोलकाता के लोगों की हैं, जबकि कुछ काशी विश्वनाथ मंदिर को दान में मिली हैं। इसके अलावा नजूल की जमीन भी देखी जा रही है।
प्राथमिकता यह होगी कि नजूल की जमीन का ही इस्तेमाल हो। गिरजाघर और गोदौलिया के बीच सड़क के दोनों ओर मौजूद जमीनों की जांच की जा रही है।
बाईं ओर दूध सट्टी, हरसुंदरी धर्मशाला और गिरजाघर आते हैं जबकि दाईं ओर निजी और नजूल की जमीनें हैं। यदि निजी जमीन की आवश्यकता हुई तो दस्तावेजों के आधार पर अधिग्रहण किया जाएगा और मालिकों को सरकारी नियमों के तहत मुआवजा दिया जाएगा।
फिलहाल जमीन का चयन कार्यदायी संस्था की सिफारिशों के अनुसार किया जाएगा। नजूल की जमीन पर अक्सर विवाद होते हैं लेकिन इसका इस्तेमाल सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जा सकता है क्योंकि इस पर सरकार का स्वामित्व होता है।
