वाराणसी
वाराणसी में 3.88 लाख बच्चों को कुपोषण से मुक्त रखने के लिए मिलेगी विटामिन-ए की खुराक
4 दिसंबर से 3 जनवरी तक चलेगा बाल स्वास्थ्य पोषण अभियान
वाराणसी में नौनिहालों को कुपोषण मुक्त रखने के लिए ‘विटामिन ए सम्पूरण’ कार्यक्रम 4 दिसंबर से शुरू होकर 3 जनवरी तक चलेगा। इस अभियान के तहत जिले के 9 माह से 5 वर्ष तक के 3.88 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने दी।
उन्होंने बताया कि यह अभियान बुधवार और शनिवार को आयोजित होने वाले ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी/यूएचएसएनडी) के अतिरिक्त सोमवार को भी चलाया जाएगा। अभियान में बच्चों का वजन लेने, अति कुपोषित बच्चों की पहचान करने और पूर्ण टीकाकरण को सुनिश्चित करने के साथ-साथ आयोडीन युक्त नमक के उपयोग के प्रति जागरूकता पर भी जोर दिया जाएगा।
खुराक का वितरण ऐसे होगा:
9 माह से 1 वर्ष तक के बच्चों को आधा चम्मच (1 एमएल) विटामिन ए की खुराक दी जाएगी।
1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 1 पूरा चम्मच (2 एमएल) विटामिन ए दिया जाएगा।
पूरा टीकाकरण जरूरी
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. ए.के. मौर्या ने बताया कि पहली खुराक 9 से 12 माह की उम्र में एमआर-1 टीके के साथ दी जाएगी। दूसरी खुराक 16 से 24 माह के बीच एमआर-2 टीके के साथ दी जाएगी। इसके बाद तीसरी से नौवीं खुराक हर 6 महीने के अंतराल पर दी जाएगी।
विटामिन ए के फायदे
डॉ. चौधरी ने बताया कि विटामिन ए की कमी से बच्चों में नजर कमजोर होना, रात्रि दृष्टि का कम होना, अंधापन, रूखी त्वचा, निमोनिया और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन ए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ हड्डी और झिल्ली के विकास में सहायक है।
आयरन सिरप भी पिलाया जाएगा
अभियान के दौरान 7 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन सिरप भी दी जाएगी। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को आयोडीन युक्त नमक के उपयोग का महत्व समझाने के लिए महिला कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए गए हैं। यह पहल बच्चों को आयोडीन की कमी से होने वाले रोगों से बचाने में सहायक होगी।
जनमानस से अपील
अधिकारियों ने समुदाय से अपील की है कि यदि उनके बच्चों की कोई खुराक छूट गई है तो इस अभियान के दौरान उसे जरूर पूरा करवाएं। यह अभियान बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
