वाराणसी
वाराणसी एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मिले शक्तिवर्धक इंजेक्शन
बाथरूम में यूज सिरिंजें मिलने से मचा हड़कंप
वाराणसी के लालपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में सोमवार से शुरू हुई 68वीं प्रादेशिक विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के पहले ही दिन हंगामा मच गया। देर शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें स्टेडियम के बाथरूम में कई शक्तिवर्धक इंजेक्शन और इस्तेमाल की गई सिरिंजें पाई गईं। प्रतियोगिता में 200 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, और इस घटना के बाद खेल जगत में हलचल मच गई है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने जताई जांच की संभावना
संयुक्त शिक्षा निदेशक राम शरण सिंह ने कहा कि इस घटना के बारे में जानकारी मिलते ही इसे गंभीरता से लिया गया है। उनका कहना था, “यदि ऐसा हुआ है तो इसकी गहन जांच कराई जाएगी, और दोषियों पर कार्रवाई होगी।” उन्होंने बताया कि आयोजन के पहले दिन 6 बजे तक कोई ऐसी सूचना नहीं थी, लेकिन वीडियो के सामने आने के बाद सभी मंडलों के स्पोर्ट्स अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे।

डोप टेस्ट की कमी और बजट की समस्या
इस प्रतियोगिता में डोप टेस्ट की व्यवस्था नहीं थी। राम शरण सिंह ने बताया कि डोप टेस्ट काफी महंगा होता है और बजट की कमी के कारण इसे करवाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा, “यदि किसी खिलाड़ी ने स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया है, तो आगामी 24 नवंबर को लखनऊ में होने वाली नेशनल प्रतियोगिता में उन्हें पकड़ा जा सकेगा, क्योंकि वहां डोप टेस्ट अनिवार्य है।” उन्होंने सीएमओ से इस मामले पर चर्चा कर कोई समाधान निकालने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है।
खेलप्रेमियों और अभिभावकों में चिंता
प्रतियोगिता के पहले ही दिन इस प्रकार की घटना सामने आने से खेलप्रेमियों और अभिभावकों में चिंता व्याप्त है। एथलेटिक्स में युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मंच है और इस तरह की घटनाओं से खेल की सच्चाई और खिलाड़ियों की सेहत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
