गाजीपुर
धड़ल्ले से बिक रही है मिलावटी ताड़ी
बहरियाबाद (गाजीपुर) जयदेश। बहरियाबाद एवं आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में ताड़ी पीने वाले लोगों का सुबह-शाम जमावड़ा देखा जा रहा है। मनचले लोग ताड़ी पीकर गाली-गलौज एवं मारपीट कर दे रहे हैं। असली ताड़ी के नाम पर नकली ताड़ी की बिक्री जोरों पर है। ताड़ी का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक होता है। प्राकृतिक ताड़ी जल्दी खराब हो जाती है, इसलिए उसे लंबे समय तक नशीला बनाए रखने के लिए उसमें कई खतरनाक रसायनों की मिलावट की जाती है।
मिलावटी ताड़ी में अक्सर नौसादर और कभी-कभी नशीली गोलियों का मिश्रण किया जाता है। ये रसायन शरीर के आंतरिक अंगों को सीधा नुकसान पहुँचाते हैं। रसायनों के कारण लीवर में सूजन या लीवर सिरोसिस होने का खतरा बढ़ा देता है। इससे पेट की अंदरूनी परत में घाव और गंभीर एसिडिटी हो सकती है।
मिलावटी ताड़ी में मौजूद कृत्रिम नशा सीधे मस्तिष्क पर प्रहार करता है, जिससे धुंधला दिखाई देना या आँखों की रोशनी कम होना, याददाश्त कमजोर होना और मानसिक संतुलन बिगड़ना, हाथ-पैरों में कंपन या सुन्नता आना। गर्मियों में शरीर को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। मिलावटी ताड़ी पीने से बार-बार पेशाब आता है और पसीना निकलता है, जिससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो जाती है। यह हीट स्ट्रोक की संभावना को बढ़ा देता है।
किडनी पर दबाव, यूरिया और अन्य रसायनों को शरीर से बाहर निकालने के लिए किडनी को अतिरिक्त कार्य करना पड़ता है, जिससे समय के साथ किडनी फेलियर का जोखिम बढ़ जाता है। गर्मियों में स्वास्थ्य के लिए ताजी ताड़ी के बजाय नारियल पानी, नींबू पानी या बेल का शरबत जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करना कहीं अधिक सुरक्षित और लाभदायक है।
