अपराध
डिजिटल अरेस्ट का शिकार होने से बचा बीएचयू का कर्मचारी
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कर्मचारी निखिल जैन एक बड़े साइबर ठगी (डिजिटल अरेस्ट) के जाल में फंसने से बाल-बाल बच गए। उन्हें फोन पर सूचना दी गई थी कि उनके खिलाफ दिल्ली की एक अदालत से समन जारी हुआ है और उन्हें तुरंत दिल्ली आकर इसका जवाब देना होगा। इस बात को लेकर उन पर लगातार दबाव बनाया गया।
घटना के बाद निखिल ने दुर्गाकुंड पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। निखिल ने बताया कि ठगों के दबाव में आकर वह वीडियो कॉल के माध्यम से स्काइप पर जुड़ने ही वाले थे कि चौकी के उप निरीक्षक प्रशांत शिवहरे ने उन्हें समय रहते सतर्क किया और वीडियो कॉल करने से मना कर दिया।
उप निरीक्षक प्रशांत शिवहरे ने बताया कि हाल के दिनों में कोर्ट से समन जारी होने के नाम पर कई लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
