अपराध
भ्रष्टाचारियों पर जिलाधिकारी ने लिया एक्शन, कार्यालय किया सील
जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित एनएचआई विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और घोटाले की शिकायत पर गुरुवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने एनएचआई प्रभारी मुख्य राजस्व अधिकारी के साथ औचक निरीक्षण किया। 3 घंटे निरीक्षण करने के पश्चात जिलाधिकारी ने कार्यालय को सील करवा दिया ताकि सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ ना हो सके। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।
इस संबंध में डीएम जौनपुर रविन्द्र कुमार मांदड़ ने जांच करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि, जौनपुर जिले में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए औचक निरीक्षण का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। हमें एनएचआई के भ्रष्टाचार और घोटालेबाजी की शिकायत मिली थी और उसी के तहत हमने एनएचआई प्रभारी सीआरओ के साथ औचक निरीक्षण किया। यहां पर निरीक्षण करने के पश्चात कुछ फाइलों की गहनता के साथ पड़ताल की गई जिसमें कुछ फाइलें संदिग्ध मिली हैं, जो तहसील से नियमानुसार नहीं आई है। जिसे यहीं पर फर्जी तरीके से बना कर फर्जी पेमेंट करने का प्रयास था इसकी गहनता से जांच होगी।
डीएम ने साफ तौर पर कहा कि आखिर फर्जी फाइल क्यों बनाई गई यह तो जांच का विषय है। यहां पर बड़े पैमाने पर घोटला हुआ और इसमें कानूनगो और उसके तीन से चार कर्मचारी शामिल हैं। जिनका नाम सन्तोष तिवारी, हिमान्सू श्रीवास्तव, अनिल क्लर्क, और बीएसए कार्यालय का टीचर राहुल सिंह है। इन सभी के मिलीभगत से सभी फर्जीवाड़े हो रहे है। सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
