वाराणसी
सैयद नियाज अली मंजू का टिकट कटने से उनके समर्थकों में भारी मायूसी
बसपा में भीतर घात की आशंका
वाराणसी। बहुजन समाज पार्टी जिस तरह से एक के बाद एक प्रत्याशी बदलने का काम कर रही है। उससे पार्टी के समर्थक बहुत ही नाराज हैं। किसी एक को टिकट दिया उसने तैयारी की, जनसभा की, फिर पता लगा कि उसका टिकट रातों-रात कट गया और दूसरे को टिकट दे दिया गया।
हाल ही में वाराणसी लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी ने पुराने दिग्गज नेता अतहर जमाल लारी को टिकट दिया था। लारी ने चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी शुरू कर दी थी और जगह-जगह अपना प्रचार भी कर रहे थे। इसी बीच रातों-रात उनका टिकट काटकर दो बार नगर निगम के पार्षद रह चुके नियाज अली मंजू को बसपा ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।

नियाज अली मंजू के समर्थक खुश थे और उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। नियाज अली मंजू की मुस्लिम बहुल इलाकों में अच्छी खासी पैठ है और वह मुस्लिम मतों में सेंधमारी कर रहे थे। इसी बीच पता चला कि रातों-रात उनका टिकट काटकर पुनः अतहर जमाल लारी को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। इससे जहां नियाज अली मंजू के समर्थकों में भारी मायूसी है वहीं बहुजन समाज पार्टी के अंदर भीतर घात की आशंका बलवती हो रही है।
पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि, यदि इसी तरह लगातार टिकट काटने का सिलसिला जारी रहा तो पार्टी कमजोर होगी। इस संबंध में नियाज अली मंजू से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने अपनी जुबान पर ताला लगा रखा था। वह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। लेकिन सूत्रों की बात मानें पार्टी की ओर से उन्हें यह आश्वासन दिया गया है कि भविष्य में उनके सम्मान की रक्षा होगी और बसपा में उन्हें महत्वपूर्ण पद दिया जाएगा। इसके चलते नियाज अली मंजू कुछ बोलने को राजी नहीं है।
