वाराणसी
वाराणसी जंक्शन पर ‘नो टॉलरेंस’ का ऐलान, लापरवाही पर सीधा एक्शन
वाराणसी। जंक्शन पर यात्री सुविधाओं से जुड़े सभी लाइसेंस धारकों के साथ गुरुवार महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्टेशन पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और यात्रियों द्वारा दर्ज कराई जा रही शिकायतों के प्रभावी समाधान पर गंभीरता से विचार करना रहा।बैठक में रेलवे प्रशासन ने साफ तौर पर संकेत दिया कि यात्री सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि वाराणसी जंक्शन जैसे प्रमुख स्टेशन पर यात्रियों की अपेक्षाएं अधिक होती हैं, ऐसे में सभी सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे उच्च गुणवत्ता की सेवाएं सुनिश्चित करें।
इस दौरान यात्रियों से प्राप्त शिकायतों का बिंदुवार विश्लेषण किया गया। कई मामलों में सेवा की गुणवत्ता, व्यवहार और अनुबंध की शर्तों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। खासतौर पर उन लाइसेंस धारकों को चिन्हित किया गया, जिनके खिलाफ लगातार अधिक शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे सभी संबंधित पक्षों को कड़े शब्दों में अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यात्रियों के साथ शिष्ट और संवेदनशील व्यवहार अनिवार्य है। साथ ही, अनुबंध की शर्तों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना प्रत्येक लाइसेंस धारक की जिम्मेदारी है।
बैठक में यह भी दोहराया गया कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि, लापरवाही या शिकायत दोहराई जाती है, तो संबंधित के खिलाफ रेलवे प्रशासन द्वारा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में स्टेशन परिसर से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लाइसेंस धारक शामिल रहे। इनमें दोपहिया वाहन पार्किंग संचालक, प्रथम एवं द्वितीय प्रवेश द्वार पर स्थित कार और ऑटो पार्किंग के जिम्मेदार, जनआहार केंद्र संचालक, मल्टीपरपज स्टॉल संचालक तथा शौचालयों के लाइसेंस धारक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
रेलवे प्रशासन ने बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी सेवा प्रदाताओं को जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करना होगा।
