वाराणसी
भगवान से मांगिए उनका साथ – राजन महाराज
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
सरस श्रीराम कथा – सप्तम दिवस
वाराणसी। श्रीराम कथा प्रेमी सेवा समिति के तत्वावधान में सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रही नौ दिवसीय सरस श्रीराम कथा के सातवें दिन सोमवार को कथा व्यास मानस मर्मज्ञ पूज्य राजन जी महाराज ने कहा कि भगवान से कुछ मांगना है तो उनका साथ मांगिए, उनकी भक्ति मांगिए, सब कुछ अपने आप मिल जाएगा। केवट ने प्रभु श्रीराम से सिर्फ उनकी भक्ति मांगी और उसे प्रभु की कृपा प्राप्त हुई। अर्थात भगवान से कुछ ना मांगिए, भगवान को ही मांग लीजिए। प्रभु की कृपा से सभी ग्रह भी अनुकूल हो जाते है, जो प्रभु का अनुग्रह कहलाता है। उन्होंने कहा कि राम की कथा बिना उनकी कृपा के प्राप्त नही हो सकती है। मदिरा का नशा तो सुबह होते होते उतर जाता है, रघुनाथ जी का नशा यदि एक बार चढ़ गया तो जन्म जन्म तक नहीं उतरता है।
प्रेममूर्ति पूज्य संत प्रेमभूषण जी महाराज के कृपापात्र शिष्य राजन जी महाराज ने कहा कि जब तक मन, कर्म और वचन से जबतक छल समाप्त नही होगा तबतक कोटि प्रकार से किया गया पूजा भी निष्फल हो जाता है। हमारी बोली, हमारी भाषा ही हमारे परवरिश, हमारे आचरण और माता पिता का परिचय कराते है। जीवन को सहजता से जीना है तो अहंकार का त्याग करना जरूरी है, अहंकार भी 3 प्रकार के बताए गए है तामसिक, राजसिक एवं सात्विक। यह तीनों ही अहंकार हमे अपने आराध्य से दूर करते है। भगवान के भक्त कभी भेद नही करते, भेद करने वाला कभी भक्त हो ही नही सकता है। भगवान की कथा जीवन को सरस, सरल और सहज बनाती है और जो सरल, सहज
हो गया, भगवान स्वयं उसे ढूंढते चले आते है। कथा प्रसंग में आज राजन जी महाराज ने भारद्वाज ऋषि की कथा, चित्रकूट निवास, दशरथ मरण आदि कथा का श्रवण कराया।
इन्होंने उतारी आरती- कथा का शुभारंभ नित्य की भाँति व्यासपीठ के पूजन के साथ हुआ। मुख्य यजमान सुमित सराफ, रुचि सराफ, विनोद सराफ, इंदु सराफ, अनूप सराफ, सरिता सराफ, अजय लिल्हा, गोपाल कृष्ण केडिया आदि ने सविधि पूजन किया। कथा में मुख्य रूप से नासिक त्रयम्बकेश्वर के कैलाश मठ से आये महामंडलेश्वर संविदानंद सरस्वती जी महाराज, काशी विश्वनाथ के मुख्य अर्चक पण्डित श्रीकांत मिश्र, कांग्रेस के प्रान्तीय अध्यक्ष अजय राय, मनीष मरोलिया, अशोक गिनोडिया, सुरेश तुलस्यान, स्मिता लोहिया, कृष्णा चौधरी, दिलीप खेतान, अजय यादुका, योगेश वर्मा, दिलीप सिंह, राकेश अग्रवाल आदि आरती में शामिल हुए। संचालन पवन अग्रवाल ने किया।
