वाराणसी
क्षय उन्मूलन में मददगार बनेगी ‘टीबी एलिमिनेशन फोर्स’
• टीबी से स्वस्थ हुए लोगों का तैयार होगा नेटवर्क
• अनुभवों को साझा कर टीबी मरीजों के बनेंगे मददगार
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी: अब क्षय उन्मूलन में अहम भूमिका निभाने को तैयार हो रही ‘टीबी एलिमिनेशन फोर्स” । इसके लिए बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है। इस नेटवर्क में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो टीबी की बीमारी से स्वस्थ हो चुके हैं। नेटवर्क में शामिल लोग अपने अनुभवों को साझा कर टीबी मरीजों के मददगार बनेंगे और क्षय उन्मूलन में सहयोग करेंगे। सीएमओ कार्यालय में शुक्रवार को इस नेटवर्क का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी के निर्देशन में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. पीयूष राय ने किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस नेटवर्क में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो अपना पूर्ण इलाज लेकर स्वस्थ हो चुके हैं और क्षय उन्मूलन में सहयोग करना चाहते हैं। इस नेटवर्क का नाम ‘टीबी एलिमिनेशन’ फोर्स रखा गया है। टीबी नेटवर्क समस्त जनपदों का एक राज्यस्तरीय नेटवर्क होगा | उन्होंने बताया कि टीबी से स्वस्थ हुए व्यक्ति के पास पर्याप्त अनुभव होते हैं। उसे अच्छी तरह से पता होता है कि यह रोग नियमित उपचार और सही खानपान से ठीक हो जाता है। उसे यह भी पता होता है कि इस बीमारी में लापरवाही किस तरह से समस्याओं को जन्म देती है। ऐसे में टीबी से ठीक हुए लोग अनुभवों को साझा कर उन लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो सकते हैं जो टीबी रोग से पीड़ित हैं। यही वजह है कि जिले में टीबी की बीमारी से स्वस्थ हुए लोगों का नेटवर्क तैयार किया गया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जनपद में लगभग छह हजार टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से कई ऐसे भी मरीज हैं जिन्हें यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि वह इलाज से स्वस्थ हो सकते हैं। ऐसे मरीजों के लिए यह नेटवर्क काफी लाभदायक होगा। नेटवर्क में शामिल लोग इलाज ले रहे टीबी मरीजों की शंकाओं को दूरकर उन्हें निरंतर दवाओं के सेवन के लिए प्रेरित करेंगे । इसके लिए उन्हें संस्था ‘वर्ल्ड विजन इंडिया’ के सहयोग से प्रशिक्षित कर टीबी चैंपियन का दर्जा दिया जाएगा । इस प्रयास से जहां एक ओर दूर-दराज इलाकों में टीबी कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ेगी वहीं चैंपियंस ज्यादा से ज्यादा टीबी मरीजों तक पहुंच कर उनकी मदद कर सकेंगे।
वर्ल्ड विजन संस्था के जिला सामुदायिक समन्वयक सतीश सिंह ने बताया कि जिले में बने नेटवर्क में फिलहाल 12 टीबी चैम्पियन के साथ ही टीबी बीमारी से स्वस्थ हुए 1100 लोगों को जोड़ा जा रहा है। नेटवर्क से जुड़े टीबी बीमारी से ठीक हुए लोगों को प्रशिक्षित कर उन्हें टीबी चैम्पियन बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों का बीच में इलाज बंद करने के अलग अलग कारण होते हैं। कुछ मरीज भ्रांतियों के चलते दवाएं बंद कर देते हैं। वहीं कुछ मरीज आराम मिलने पर दवाओं का पूरा कोर्स नहीं करते। ऐसे में इलाज करवा रहे सभी टीबी मरीजों से मिलकर उनकी शंकाओं का समाधान करना जरूरी हो जाता है। यूपी टीबी एलिमिनेशन फोर्स ऐसे मरीजों की भ्रांतियों को दूर कर उन्हें नियमित दवाओं के सेवन की अहमियत समझाएगी । नेटवर्क के शुभारम्भ के अवसर पर -जनपद के समस्त टीबी चैंपियन उपस्थित रहे।
नेटवर्क से मिलेगा लाभ-
• टीबी से ग्रसित मरीजों का उपचार पूर्ण कराने में मिलेगा सहयोग
• सामुदायिक जागरूकता बढ़ेगी
• टीबी मरीजों को लेकर भेदभाव में आएगी कमी
• दूरदराज के इलाकों में टीबी कार्यक्रमों की पहुंच आसान होगी
• मरीजों की शंकाओं को दूर करने में मदद मिलेगी
• टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान में मदद मिलेगी
