गाजीपुर
बहरियाबाद-परमानपुर मार्ग बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुई 10 किलोमीटर सड़क
खस्ताहाल सड़क से राहगीर परेशान, शिकायतों और धरना-प्रदर्शन के बावजूद निर्माण नहीं होने से लोगों में आक्रोश
बहरियाबाद (गाजीपुर)।और आजमगढ़ की सीमा पर स्थित बहरियाबाद पानी टंकी तिराहे से परमानपुर तक जाने वाला मुख्य मार्ग करीब 10 किलोमीटर तक बदहाल हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नौरंगाबाद, मलिकनगांव, भरतपुर और भिलीहिली से होकर गुजरने वाले इस मार्ग पर दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क की दुर्दशा को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
धरना-प्रदर्शन के बाद भी नहीं हुआ निर्माण
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग को लेकर समाजसेवियों की ओर से पहले कई बार धरना-प्रदर्शन और अनशन किया जा चुका है। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन भी दिया, लेकिन इसके बावजूद सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
सड़क पर बने गड्ढे बारिश के दौरान पानी से भर जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, सूखे मौसम में वाहनों के गुजरने से धूल उड़ती है, जिससे राहगीरों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को परेशानी होती है।
स्कूली बच्चों और व्यापारियों पर भी असर
खराब सड़क का असर स्कूली बसों, ऑटो और अन्य वाहनों के आवागमन पर भी पड़ रहा है। गड्ढों के कारण वाहनों को हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। वहीं, वाहनों में टूट-फूट बढ़ने से लोगों का खर्च बढ़ रहा है और माल ढुलाई प्रभावित होने से स्थानीय कारोबारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थायी निर्माण की मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल गड्ढों को भरने के बजाय सड़क का गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
