वाराणसी
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस की पदयात्रा
क्वीन्स कॉलेज के मुख्य द्वार पर गंगाजल से किया शुद्धीकरण, कार्यकर्ताओं ने मनाया काला दिवस
वाराणसी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में गुरुवार को विरोध पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा मैदागिन स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर लहुराबीर स्थित आजाद पार्क होते हुए क्वीन्स कॉलेज के मुख्य द्वार तक पहुंची। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गंगाजल का छिड़काव कर शुद्धीकरण किया और विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने क्वीन्स कॉलेज, वाराणसी से शिक्षा प्राप्त की है। उनका कहना था कि जिस काशी और शिक्षण संस्थान ने उन्हें शिक्षा और संस्कार दिए, आज उनकी कार्यप्रणाली को लेकर उसी संस्थान की प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि मताधिकार को प्रभावित करने का कोई भी प्रयास जनता के अधिकार पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए।
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर जनता का विश्वास कायम रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस अपना विरोध जारी रखेगी।
कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा दिल्ली में किए जा रहे विरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने की, जबकि संयोजन महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने किया। इस दौरान सजीव सिंह, गुलशन अली, फसाहत हुसैन, वकील अंसारी, प्रवीण प्रकाश, सुनील श्रीवास्तव, विनोद सिंह, रमजान अली, राजीव राम, वीरेंद्र कपूर, संतोष चौरसिया, अनुराधा यादव, पूनम विश्वकर्मा, हसन मेहदी कंब्बन, प्रमोद वर्मा, नरसिंह दास, अब्दुल हमीद, असलम खां, राजेंद्र गुप्ता, हाजी वोकाश, मनोज वर्मा मनू, बेलाल अहमद, संतोष मौर्य, लक्ष्मीनारायण यादव, रेनू चौधरी, विपिन पाल, अनिल पटेल, सत्येंद्र तिवारी, रंजना गुप्ता, मृत्युंजय सोनकर, आशुतोष पांडेय, मिठुन सरकार, कुंवर बबलू बिंद, किशन यादव, आनंद चौबे, रोशन श्रीवास्तव, रोहित दुबे, रामजी गुप्ता और विकास पांडेय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
