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चन्दौली

नौगढ़ के विशेषरपुर भरदुआं में आदिवासियों पर कार्रवाई का आरोप, आसपा ने DM को सौंपा ज्ञापन

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नौगढ़ (चन्दौली) । नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत विशेषरपुर नई बस्ती भरदुआं में अनुसूचित जनजाति गोंड/मांझी समुदाय के लोगों के साथ कथित कार्रवाई को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने जिलाधिकारी चंदौली को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि 19 अगस्त 2026 को वन विभाग और पुलिस-प्रशासन की टीम ने बिना पूर्व नोटिस गांव में पहुंचकर कार्रवाई की।

फसलें नष्ट करने और मकान-झोपड़ियां गिराने का आरोप

जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कार्रवाई के दौरान खेतों में खड़ी मिर्च, धान, बैंगन सहित अन्य फसलों को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया गया और खेतों में गड्ढे खोद दिए गए। इसके साथ ही गांव में घर, झोपड़ी और दुकानों को गिराने का भी आरोप लगाया गया।

वाहन व कृषि उपकरण ले जाने का भी आरोप

आसपा ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों के दो सोनालिका ट्रैक्टर, छह पम्पीसेट, एक नेक्सॉन कार और कई बाइक टीम अपने साथ ले गई। संगठन का कहना है कि इस कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका और रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

लाठीचार्ज और महिलाओं से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कार्रवाई का विरोध करने पर ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया गया। संगठन ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और उन्हें बाल पकड़कर घसीटने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही 11 गंभीर धाराओं में 20 नामजद और 50 से 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तथा 14 लोगों, जिनमें छह महिलाएं और आठ पुरुष शामिल हैं, को जेल भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।

50 वर्षों से निवास का दावा, वनाधिकार कानून के उल्लंघन का आरोप

आसपा का दावा है कि उक्त बस्ती में आदिवासी परिवार करीब 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से गांव में भय का माहौल है और कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर हैं। ज्ञापन में इसे वनाधिकार अधिनियम-2006 के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला बताते हुए आदिवासी परिवारों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की गई।

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आसपा ने रखीं छह प्रमुख मांगें

संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच, महिलाओं से कथित दुर्व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई, नष्ट फसलों का उचित मुआवजा, दर्ज मुकदमों की समीक्षा, वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत अधिकार सुनिश्चित करने और आदिवासी परिवारों की सुरक्षा की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर संगठन ने विशाल आंदोलन की चेतावनी दी है।

इस दौरान सिद्धार्थ प्राण बाहु, जीयूत राम, डॉ. नंदलाल महादेवन, रोहित विश्वकर्मा, शेरु निगम, शनि राव, काजू सरदार, धीरेंद्र कुमार, प्रमोद मौर्या, जयहिंद, शेरु रावण, संघर्ष सूर्यवंशी, बेचू मौर्या और रविकांत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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