बलिया
डीएम की सख्ती, 26 स्कूलों में बिजली न होने पर कई BEO और BDO का वेतन रोका
कायाकल्प अभियान की समीक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई, बाढ़ प्रभावित विद्यालयों के पुनर्निर्माण का एक सप्ताह में मांगा प्रस्ताव
कंडम भवन गिराने, बिजली के तार हटाने और 15 अगस्त तक कक्षों का नामकरण करने के निर्देश
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग के कायाकल्प अभियान के 19 बिंदुओं की समीक्षा के दौरान लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। जिले के 26 प्राथमिक विद्यालयों में बिजली कनेक्शन न होने तथा दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं (सीडब्ल्यूएसएन) के निर्माण में देरी पाए जाने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि अगली समीक्षा बैठक तक सभी विद्यालयों में लंबित बिजली कनेक्शन और अधूरे निर्माण कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं। निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अधूरे कार्यों पर मांगा स्पष्टीकरण
समीक्षा के दौरान सीयर, हनुमानगंज, दुबहड़ और सोहांव ब्लॉकों में किचन शेड अधूरे मिलने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया। वहीं बाउंड्रीवाल और टाइलिंग कार्य की धीमी प्रगति पर चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बाढ़ प्रभावित स्कूलों के लिए नई जमीन तलाशने के निर्देश
बरसात और संभावित बाढ़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, शुद्ध पेयजल, पानी की टंकियों की सफाई और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के निर्देश दिए। महाराजपुर, गोपालपुर टांडी और भोजपुरवा में कटान से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के लिए एक सप्ताह के भीतर नई भूमि चिन्हित कर पुनर्निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया।
15 अगस्त तक पूरा करें विशेष अभियान
डीएम ने कंडम घोषित विद्यालय भवनों को तत्काल ध्वस्त कराने, स्कूल परिसरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को एक सप्ताह में हटवाने और नामांकन लक्ष्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त तक सभी विद्यालयों के कक्षों का नामकरण देश की महान विभूतियों के नाम पर अंकित करने का निर्देश भी दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
