मिर्ज़ापुर
जनसहयोग से बना चकरोड, अब शीतला मंदिर तक सीसी सड़क की मांग
प्रधान पर उपेक्षा का आरोप, ग्रामीणों ने निजी खर्च से बिछवाई ईंटें; जनसहयोग से विकास जारी रखने का संकल्प
सरकारी चकरोड को ग्रामीणों ने बनाया आवागमन योग्य
सीखड़ (मिर्जापुर)। चुनार-कछवां मार्ग (एनएच-74) से पचराव गांव को जोड़ने वाले करीब 100 मीटर लंबे सरकारी चकरोड को ग्रामीणों ने जनसहयोग और निजी धन से आवागमन योग्य बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पहले मिट्टी डाली गई थी, लेकिन खड़ंजा न बनने से बारिश में उसके बहने की आशंका थी। ऐसे में गांव के लोगों ने स्वयं आगे आकर सड़क पर ईंटें बिछवा दीं।
ग्रामीणों ने प्रधान पर लगाया उपेक्षा का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य को कराने के लिए उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान से संपर्क किया, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में गांव के विकास कार्यों के लिए लगभग ₹32.50 लाख स्वीकृत हुए थे, जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक करीब ₹15.20 लाख के ही कार्य कराए गए हैं।
सेवाभाव से किया गया कार्य
ग्रामीणों ने बताया कि चकरोड पर ईंट बिछाने का कार्य पूरी तरह सेवाभाव और जनहित में किया गया है, ताकि लोगों का आवागमन बाधित न हो। उनका कहना है कि भविष्य में भी जनसहयोग से ऐसे विकास कार्य किए जाते रहेंगे।
शीतला मंदिर तक सीसी रोड बनाने का संकल्प
ग्रामीणों ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य इस चकरोड को पचराव गांव के उत्तरी छोर स्थित माता शीतला मंदिर तक सीमेंटेड सड़क के रूप में विकसित कराना है। उनका कहना है कि यदि जनसहयोग मिलता रहा तो यह कार्य भी पूरा किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रसिद्ध “माउंटेन मैन” के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
