बलिया
सरयू के भीषण कटान से गोपालनगर में तबाही, प्राथमिक विद्यालय नदी में समाया
दियरांचल के कई गांवों पर संकट गहराया, ग्रामीणों ने कटानरोधी कार्य की उठाई मांग
प्रशासन से राहत की उम्मीद टूटने पर सरयू तट पर पूजन-अर्चन और रामधुन का आयोजन
बैरिया (बलिया)। सरयू नदी का रौद्र रूप बैरिया के दियरांचल क्षेत्र में लगातार तबाही मचा रहा है। सोमवार सुबह गोपालनगर टांडी स्थित प्राथमिक विद्यालय का आधे से अधिक हिस्सा तेज कटान की चपेट में आकर नदी में समा गया। अब तक कई पक्के और कच्चे मकानों के साथ विद्यालय का बड़ा हिस्सा भी नदी में विलीन हो चुका है। कटान की जद में आए अन्य मकानों को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कटानरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया तो गोपालनगर समेत आसपास के बड़े हिस्से को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल ठोस सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
खेतों पर भी संकट, सुरेमनपुर दियरांचल में तबाही की आशंका
सरयू का कटान शिवाल मठिया, वशिष्ठ नगर, चाई छपरा, अधसिझुआ, गुमानी के डेरा और बकुलहा के सिवान तक पहुंच गया है। नदी लगातार उपजाऊ कृषि भूमि को काट रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान की रफ्तार नहीं थमी तो सुरेमनपुर दियरांचल में भी बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है।
सरयू मां की शरण में पहुंचे ग्रामीण
प्रशासनिक स्तर पर राहत कार्य में देरी से निराश ग्रामीणों ने सोमवार को सरयू तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। आचार्य लाला भगत के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने देवी गीत गाकर सरयू मां से कटान रोकने की प्रार्थना की, जबकि पुरुषों ने रामधुन और हरि-कीर्तन किया। उधर, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक राहत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे।
