बलिया
घाघरा का कहर तेज, चार गांवों पर मंडराया कटान का खतरा
सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में समाई, ग्रामीणों ने बंधे की सुरक्षा और कटानरोधी कार्य तेज करने की मांग की
जिला पंचायत सदस्य ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, प्रशासन ने तत्काल निरीक्षण का दिया आश्वासन
सिकंदरपुर (बलिया)। घाघरा नदी का बढ़ता कटाव सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के चार गांवों के लिए गंभीर संकट बन गया है। पुरुषोत्तमपट्टी, जिन्दापुर, बिजलीपुर और खरीद ग्राम सभाओं में तेज कटान से प्रतिदिन उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा रही है। हालात ऐसे हैं कि अब आबादी, मकानों, संपर्क मार्गों और विद्युत पोलों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य गुड्डू मलिक (असगर अली) ने समर्थकों के साथ उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वर्ष ठोकर और जियो बैग लगाकर कराए गए सुरक्षा कार्य एक वर्ष भी नहीं टिक सके, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मजबूत ठोकर निर्माण और बंधे की सुरक्षा का कार्य युद्धस्तर पर नहीं कराया गया तो चारों गांवों में बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि हो सकती है।
उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित विभाग को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने का निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कटानरोधी उपाय किए जाएंगे। इस दौरान रवि राय, धर्मेंद्र यादव, हिमांशु कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
