बलिया
नरही में गो-तस्करी और अवैध कारोबार के आरोप, पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल
भरौली बॉर्डर से गंगा दियारे तक अवैध गतिविधियां संचालित होने का दावा, स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
छोटी गाड़ियों से मवेशियों की तस्करी और नदी मार्ग से शराब भेजे जाने के आरोप, पुलिस पर मिलीभगत के भी लगाए गए आरोप
बलिया। जनपद के नरही थाना क्षेत्र में गो-तस्करी, शराब तस्करी और अवैध बालू परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि यूपी-बिहार सीमा स्थित भरौली बॉर्डर से लेकर गंगा के दियारा क्षेत्रों तक अवैध गतिविधियां लगातार संचालित हो रही हैं। इस संबंध में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी आरोप लगाए गए हैं।
गो-तस्करी को लेकर लगाए गए आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भरौली बॉर्डर स्थित पुलिस पिकेट के सामने से मवेशियों से लदी गाड़ियां गुजरती हैं। यह भी दावा किया गया है कि कार्रवाई से बचने के लिए छोटी गाड़ियों में दो मवेशियों को इस तरह लादा जाता है कि बाहर से एक ही दिखाई दे।
दलालों की सक्रियता का भी दावा
सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगाया गया है कि पिकेट के आसपास कुछ दलाल सक्रिय हैं, जो कथित रूप से अवैध वसूली कर तस्करी के नेटवर्क को संचालित करते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
शराब तस्करी के भी आरोप
स्थानीय निवासियों के अनुसार, उमरपुर दियारा, कोटवा नारायनपुर और कोट-अजोरपुर के गंगा तटीय क्षेत्रों से शराब की तस्करी किए जाने का आरोप है। उनका दावा है कि ट्रैक्टरों और बाइकों के माध्यम से शराब नदी किनारे पहुंचाई जाती है और वहां से नावों के जरिए बिहार भेजी जाती है।
निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की कथित शिथिलता या मिलीभगत के कारण अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
