भदोही
फर्जी दस्तावेजों से जमानत कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य जमानतदार गिरफ्तार
कोर्ट को कथित रूप से गुमराह कर संगीन मामलों के आरोपियों की जमानत कराने का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार
फर्जी शपथ पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जमानत दिलाने का आरोप, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
ज्ञानपुर (भदोही)। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत ज्ञानपुर पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय को गुमराह कर संगीन मामलों के आरोपियों की जमानत कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य जमानतदार लालजी को गिरफ्तार किया है।
सत्यापन के दौरान हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई को उपनिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय जमानत के सत्यापन के लिए ग्राम केशवपुर और लखनो पहुंचे थे। जांच के दौरान आरोप है कि लालजी पुत्र सरजू, निवासी केशवपुर, पेशेवर जमानतदार के रूप में कार्य करता था और आर्थिक लाभ के लिए एक ही संपत्ति को बार-बार बंधक दिखाकर फर्जी शपथ पत्र, फर्जी खतौनी और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार करता था।
संगीन मामलों में जमानत दिलाने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि इन कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों के आरोपियों की जमानत कराई जाती थी। इसके बाद कई आरोपी फरार हो जाते थे।
संगठित गिरोह बनाने का आरोप
जांच में पुलिस ने आरोप लगाया है कि लालजी ने जिला कारागार ज्ञानपुर में निरुद्ध मनोज कुमार उर्फ राहुल सैनी, निवासी शामली, के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा था। इस मामले में दोनों के विरुद्ध थाना ज्ञानपुर में मु0अ0सं0-195/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरटीओ कार्यालय के पास हुई गिरफ्तारी
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में शनिवार को आरटीओ कार्यालय के पास चेकिंग के दौरान वांछित आरोपी लालजी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
