बलिया
जिले के दो दर्जन सरकारी कार्यालयों में महिला कर्मचारियों के लिए शौचालय का अभाव
जिलाधिकारी कार्यालय में भी महिलाओं के लिए अलग बाथरूम की व्यवस्था नहीं
महिला कर्मचारियों को उठानी पड़ रही परेशानी, मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी
मिर्जापुर। महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी सुविधाओं के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद जिले के कई सरकारी कार्यालयों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जिले के करीब दो दर्जन सरकारी कार्यालयों में महिलाओं के लिए अलग शौचालय अथवा बाथरूम की समुचित व्यवस्था नहीं है।
बताया जाता है कि जिले में विभिन्न विभागों में लगभग 10 से 12 हजार महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद कई कार्यालयों में उनके लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें कार्यस्थल पर असुविधा का सामना करना पड़ता है। कार्यालयी बैठकों एवं कार्य के दौरान आवश्यकता पड़ने पर महिला कर्मचारियों को इधर-उधर भटकना पड़ता है।
महिला कर्मचारियों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में ही महिलाओं के लिए पर्याप्त बाथरूम की व्यवस्था नहीं है, तो अन्य विभागीय कार्यालयों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। इससे कार्यस्थल पर महिलाओं को कई प्रकार की व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में एक महिला प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के लिए पृथक शौचालय निर्माण अथवा व्यवस्था के लिए अभी तक कोई विशेष बजट या अलग प्रावधान उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी कारण कई कार्यालयों में यह समस्या बनी हुई है।
महिला कर्मचारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि महिला कर्मचारियों का एक संगठन इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की तैयारी कर रहा है, ताकि कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराई जा सकें।
महिला कर्मचारियों का कहना है कि सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण के लिए कार्यालयों में महिलाओं हेतु पृथक शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था किया जाना समय की आवश्यकता है।
