Connect with us

भदोही

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

Published

on

Loading...
Loading...

सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर शिक्षकों ने उठाई आवाज, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन

भदोही। राष्ट्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (शाखा-भदोही) ने गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन सौंपा। भीषण गर्मी के बावजूद जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

तीन शीर्ष संवैधानिक पदों के नाम भेजा गया ज्ञापन

महासंघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित तीन अलग-अलग ज्ञापन प्रेषित किए। ज्ञापन में टीईटी अनिवार्यता से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद बढ़ी चिंता

Advertisement

ज्ञापन में कहा गया कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी अधिसूचना तथा 29 मई 2026 को आए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद देशभर में वर्ष 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

महासंघ की प्रमुख मांगें

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—

  • 23 अगस्त 2010 से पूर्व देशभर में तथा 27 जुलाई 2011 से पहले उत्तर प्रदेश में नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए।
  • उस समय लागू नियमों के अनुसार हुई नियुक्तियों को पूर्ण वैधता और विधिक संरक्षण प्रदान किया जाए।
  • अनुभवी शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार आवश्यक विधायी, नीतिगत अथवा प्रशासनिक कदम उठाए।
  • शिक्षकों के भविष्य से जुड़ी अनिश्चितता को समाप्त करने के लिए संसद और सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे।

शिक्षकों के सम्मान और सेवा सुरक्षा की लड़ाई : धीरज सिंह

जिलाध्यक्ष धीरज सिंह ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा के विरोध का नहीं, बल्कि उन हजारों अनुभवी शिक्षकों के सम्मान और सेवा सुरक्षा की लड़ाई है जिन्होंने वर्षों तक शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान करना न्यायसंगत नहीं है।

मांगें पूरी तरह न्यायोचित : क्रान्तिमान शुक्ला

Advertisement

जिला महामंत्री क्रान्तिमान शुक्ला ने कहा कि महासंघ की सभी मांगें विधिक और न्यायोचित हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संसद में संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस विसंगति को दूर किया जाना चाहिए। संगठन किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने देगा।

बड़ी संख्या में शिक्षक रहे उपस्थित

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष रुक्मणिकांत पाण्डेय, मनोज सिंह, हरिओम श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सुरेश मौर्य, संगठन मंत्री रितेश तिवारी, मंत्री निशांत यादव, ब्लॉक अध्यक्ष राजीव रतन यादव, ब्लॉक मंत्री देवेंद्र मिश्रा, अरुण यति, शिवम श्रीवास्तव, राजधर यादव, वेद मिश्र, विजय कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page