वाराणसी
कैमरों से होगी वाराणसी की सफाई व्यवस्था की निगरानी, पांच वार्डों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
डोर-टू-डोर कूड़ा वाहनों में लगेंगे कैमरे, गड्ढों और खराब स्ट्रीट लाइटों पर भी रहेगी नजर
नगर विकास मंत्री की समीक्षा बैठक में सफाई, सीवर और सुंदरीकरण योजनाओं की हुई समीक्षा
वाराणसी। शहर को स्वच्छ, सुंदर और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में नगर निगम ने नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। अब डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों में कैमरे लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से गलियों की सफाई, सड़कों की स्थिति और दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों की निगरानी की जाएगी। इस व्यवस्था की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले चरण में पांच वार्डों में की जाएगी।
कचहरी स्थित सर्किट हाउस सभागार में सोमवार को नगर विकास मंत्री एके शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, सीवर नेटवर्क और विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि कैमरों से लैस वाहनों के माध्यम से वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी, जिससे शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी और सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
80 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी
बैठक में बताया गया कि शहर के 386 छोटे और बड़े नालों में से लगभग 80 प्रतिशत की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है। इस बार नालों की सफाई की निगरानी ड्रोन कैमरों से कराई जा रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने बताया कि 128 बड़े नालों में से 100 की सफाई पूरी हो चुकी है। वहीं, एसके चौधरी ने जानकारी दी कि 258 छोटे नालों में से 249 की सफाई कर ली गई है और शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

22 वार्डों में मजबूत होगा सीवर नेटवर्क
रामनगर और सूजाबाद सहित शहर के 22 वार्डों में सीवर नेटवर्क को मजबूत करने तथा शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। प्रथम चरण में पांच वार्डों में कार्य शुरू हो चुका है। परियोजना को दिसंबर 2026 अथवा जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जलकल महाप्रबंधक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि 72 किलोमीटर स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन में से जलकल के अधीन आने वाली 20 किलोमीटर लंबी लाइन की सफाई पूरी कर ली गई है। सीवर लाइनों की सफाई सुपर सकर और बकेट मशीनों के माध्यम से कराई गई है।
जलभराव से निपटने के लिए बनेगी त्वरित कार्रवाई टीम
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई टीम गठित करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कंचनपुर और सारंग तालाब में विकसित होंगे मियावाकी वन
शहर के सुंदरीकरण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए डोमरी-सूजाबाद की तर्ज पर कंचनपुर और सारंग तालाब क्षेत्र में भी मियावाकी वन विकसित किए जाएंगे। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने डोमरी-सूजाबाद में विकसित मियावाकी वन की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि जहां-जहां कूड़े के ढेर हटाए गए हैं, वहां पौधरोपण कर हरित क्षेत्र विकसित किए जाएं।
10 नए थीम पार्क विकसित करने की तैयारी
नगर निगम शहर में 10 नए थीम पार्क विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम कर रहा है। पार्कों के रखरखाव के लिए 110 नए मालियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही नगर निगम अपनी स्वयं की नर्सरी विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।
बैठक में अपर नगर आयुक्त सीमा पांडेय, अमित कुमार, दुर्गेश मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र, स्मार्ट सिटी महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी, जल निगम के अधीक्षण अभियंता अमित सोनकर सहित नगर निगम, जलकल और जल निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
